High Court Directive on Koderma-Rajouli Project: एनएचएआई, झारखंड और बिहार सरकार मिलकर करें काम

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड और बिहार के बीच कोडरमा से मेघतारी तक फोर-लेन परियोजना को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक और ज
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड और बिहार के बीच कोडरमा से मेघतारी तक फोर-लेन परियोजना को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में हुई। अदालत ने इस परियोजना के संबंध में एक जनहित याचिका पर विचार करते हुए एनएचएआई, झारखंड सरकार और बिहार सरकार को निर्देश दिया है कि वे मिलकर कार्य करें। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि राज्य वन्यजीव बोर्ड द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक मार्ग को अपनाते हुए कोडरमा से रजौली तक इस परियोजना को पूरा किया जाए। यह निर्देश इस बात को ध्यान में रखते हुए दिया गया है कि वन्यजीव अभ्यारण्य को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है और इसे एनएचएआई के मुख्यालय में अनुमोदन के लिए भेजा गया है। अदालत ने इस प्रोजेक्ट को आपसी समन्वय से पूरा करने के लिए सभी पक्षों को निर्देशित किया है। अदालत ने यह भी कहा कि सभी संबंधित पक्षों को इस परियोजना के कार्यान्वयन में सहयोग करना चाहिए ताकि इसे समय पर पूरा किया जा सके। अगली सुनवाई सितंबर माह में निर्धारित की गई है, जिसमें सभी पक्षों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अपेक्षा है।















