High Court directs Chandigarh to establish Family Court: चंडीगढ़ में फैमिली कोर्ट न होना गंभीर मुद्दा, हाई कोर्ट बोला- केंद्र और प्रशासन उठाएं जरूरी कदम

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को आदेश दिया है कि वह जल्द से जल्द पारिवारिक न्यायालय की स्थापना के लिए आवश्यक कदम उठाए। अदालत ने कहा कि जनहित याच
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को आदेश दिया है कि वह जल्द से जल्द पारिवारिक न्यायालय की स्थापना के लिए आवश्यक कदम उठाए। अदालत ने कहा कि जनहित याचिका में पारिवारिक न्यायालय की अनुपस्थिति एक गंभीर मुद्दा है।
एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने पीपुल्स वेलफेयर सोसाइटी द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिव को भारत सरकार का पक्षकार बनाया। मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी।
पीठ ने कहा कि याचिका में यह शिकायत की गई है कि चंडीगढ़ में कोई पारिवारिक न्यायालय नहीं है, जो कि एक गंभीर समस्या है। अदालत ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि आदेश की एक प्रति भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के कार्यालय को भेजी जाए ताकि आवश्यकतानुसार निर्देश प्राप्त किए जा सकें या जवाब दाखिल किया जा सके।
अगली सुनवाई की तिथि तक, पीठ ने प्रतिवादियों से यह सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है कि चंडीगढ़ में पारिवारिक न्यायालय की स्थापना के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाएं। याचिका में यह भी कहा गया है कि चंडीगढ़, जिसे सुंदर शहर कहा जाता है, अपने नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में असमर्थ है।















