Illegal Coal Smuggling in Bokaro: अवैध कोयला तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 45 मोटरसाइकिलें जब्त

बोकारो जिले में अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। शनिवार को सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के कारो परियोजना अंतर्गत डीसी-सीपीएल पैच में महाप्रबंधक स
बोकारो जिले में अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। शनिवार को सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के कारो परियोजना अंतर्गत डीसी-सीपीएल पैच में महाप्रबंधक संजय कुमार झा के नेतृत्व में सीआईएसएफ और सीसीएल सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान भारी मात्रा में अवैध रूप से जमा किया गया कोयला जब्त किया गया। इसके साथ ही, कोयला तस्करी में इस्तेमाल की जा रही लगभग 45 मोटरसाइकिलों को भी जब्त किया गया। छापेमारी के समय जब सुरक्षा बलों ने कार्रवाई शुरू की, तो अवैध कारोबार से जुड़े लोग जंगल के रास्ते भागने में सफल रहे। जब्त किए गए कोयले को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि मोटरसाइकिलों को भी कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद अवैध कोयला तस्करी से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। महाप्रबंधक संजय कुमार झा ने बताया कि पिछले कई दिनों से डीसी-सीपीएल पैच के आसपास लगातार कोयला चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि इस तरह की चोरी से सीसीएल को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान होता है, और राज्य सरकार को भी राजस्व की क्षति उठानी पड़ती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी की संपत्ति की सुरक्षा तथा अवैध खनन और कोयला चोरी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि जब इतने बड़े पैमाने पर अवैध कोयला जमा किया गया था और तस्करी के लिए दर्जनों मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल हो रहा था, तब स्थानीय पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। क्षेत्र के लोगों के बीच यह चर्चा है कि लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सीसीएल और सीआईएसएफ की संयुक्त टीम एक ही अभियान में भारी मात्रा में कोयला और 45 मोटरसाइकिल बरामद कर सकती है, तो यह संकेत है कि बोकारो जिले के कोयलांचल क्षेत्र में अवैध तस्करी का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। लोगों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह भी पता लगाया जाए कि अवैध कारोबार को किसका संरक्षण प्राप्त था और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
















