Journey to Machael Mata: दिव्यांग तीर्थयात्री ने ट्राइसाइकिल से की यात्रा

उत्तर प्रदेश की रहने वाली दिव्यांग तीर्थयात्री ज्योति ने अपनी वार्षिक माता मचैल यात्रा को जारी रखते हुए एक बार फिर से कठिनाईयों का सामना किया है। ज्योति अपनी मा
उत्तर प्रदेश की रहने वाली दिव्यांग तीर्थयात्री ज्योति ने अपनी वार्षिक माता मचैल यात्रा को जारी रखते हुए एक बार फिर से कठिनाईयों का सामना किया है। ज्योति अपनी माता के साथ इस कठिन तीर्थयात्रा पर निकली हैं, जिसमें उनके साथ उनके दो अनोखे साथी भी हैं। एक बंदर जिसका नाम बजरंगी है और एक कुत्ता जिसका नाम कालू है। यह यात्रा न केवल ज्योति के लिए बल्कि उनके साथियों के लिए भी एक विशेष अनुभव है। इस यात्रा के दौरान ज्योति ने अपने हौसले और संकल्प को साबित किया है कि कोई भी बाधा उन्हें अपने लक्ष्य से नहीं हटा सकती।
जम्मू-कश्मीर की प्रसिद्ध श्री मचैल माता यात्रा इस वर्ष पूरे उत्साह और उमंग के साथ प्रारंभ हो चुकी है। हालांकि, इस वर्ष मौसम की खराब परिस्थितियों के कारण यात्रा 28 जुलाई से शुरू की गई, जबकि हर वर्ष यह यात्रा 25 जुलाई को आरंभ होती है। श्रद्धालुओं का उत्साह इस बार भी देखने को मिला है, और पवित्र धाम में भक्तों के आगमन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर के मुख्य पुजारी मनोज सिंह ने बताया कि 25 जुलाई को हवन और विशेष पूजन-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए गए थे।
यात्रा के प्रारंभिक दो दिनों में ही 400 से अधिक श्रद्धालु मां मचैल के दर्शन कर चुके हैं। अठोली के डीएसपी विजय भगत ने बताया कि गुलाबगढ़ बेस कैंप में बुधवार शाम तक 300 से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके थे। इनमें से कुछ श्रद्धालु बेस कैंप में रुके हुए हैं, जबकि अन्य पवित्र धाम की ओर रवाना हो चुके हैं। आगामी दिनों में मौसम अनुकूल रहने पर श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि यह दिव्यांगों की दृढ़ता और साहस का प्रतीक भी है।
















