Factionalism in Jharkhand Congress: झारखंड कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर, मंत्रियों से भिड़ रहे पूर्व मंत्री

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के भीतर गुटबाजी की स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे संगठन को एकजुट रखने के प्रयास विफल होते नजर आ रहे हैं। पार्टी के दो वरिष्ठ
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के भीतर गुटबाजी की स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे संगठन को एकजुट रखने के प्रयास विफल होते नजर आ रहे हैं। पार्टी के दो वरिष्ठ नेता, स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. इरफान अंसारी और पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी, आपस में तीखी बयानबाजी कर रहे हैं। डाॅ. अंसारी जहां त्रिपाठी का इलाज करने का दावा कर रहे हैं, वहीं त्रिपाठी भी अपनी बातों में संयम नहीं रख पा रहे हैं। त्रिपाठी ने पलामू जिले में बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि अगर मुख्यमंत्री गृह विभाग को संभाल नहीं पा रहे हैं, तो इसे किसी और को सौंप देना चाहिए। इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि त्रिपाठी का लक्ष्य डीजीपी का इस्तीफा कराना है, जिससे सरकार में कांग्रेस की स्थिति और कमजोर हो रही है। इस बीच, त्रिपाठी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने शोकाज भी किया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी की स्थिति भी इस मामले में कमजोर नजर आ रही है। उन्होंने पहले भी पार्टी के नेताओं को बयानबाजी से दूर रहने की सलाह दी थी, लेकिन इस बार भी कोई नेता उनकी बातों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। कांग्रेस में इस तरह की बयानबाजी का एक लंबा इतिहास रहा है, जहां पार्टी के भीतर के नेता अक्सर अपनी बातों को सार्वजनिक रूप से रखते हैं। इसके अलावा, कांग्रेस ओबीसी कमेटी के अभिलाष साहू के बयान पर भी आक्रोश फैल रहा है, जिसके चलते अमरेंद्र सिंह जैसे नेता भी खुलकर सामने आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार, अनुशासन समिति ने दोनों नेताओं को अपनी बात रखने के लिए निर्देशित किया है, लेकिन समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है।
















