Political Turmoil in Himachal: भाजपा नेता चैतन्य शर्मा पर विजिलेंस की कार्रवाई

हिमाचल प्रदेश में जनप्रतिनिधियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों ने राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और पूर्व विधायक होशियार सिंह के बाद अब
हिमाचल प्रदेश में जनप्रतिनिधियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों ने राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और पूर्व विधायक होशियार सिंह के बाद अब गगरेट के पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा भी विजिलेंस के निशाने पर आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग के ठेके अपने नाम से दिलाने के लिए आठ लाख रुपये की मांग करने के मामले में चैतन्य शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत अभियोजन स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। यदि यह स्वीकृति मिलती है, तो विजिलेंस नियमित मामला दर्ज कर जांच को आगे बढ़ा सकती है। बुधवार को शिमला में भाजपा की कांग्रेस सरकार के खिलाफ रैली के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी इस मामले में जानकारी दी और कहा कि चैतन्य के खिलाफ विजिलेंस में मामला दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
यह मामला ऊना जिले के सरकारी ठेकेदार सुरेंद्र कुमार भोला की शिकायत से संबंधित है। शिकायत के अनुसार, जनवरी 2024 में सुरेंद्र ने लोक निर्माण विभाग के सरकारी टेंडर हासिल करने के लिए चैतन्य से उनके आवास पर मुलाकात की थी। आरोप है कि चैतन्य ने उन्हें अपने करीबी महेश यादव और हर्षित तिवारी से मिलने के लिए कहा, जिन्होंने सरकारी काम दिलाने के बदले आठ लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार, एक फरवरी 2024 को छह लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए और दो लाख रुपये नकद दिए गए। हालांकि, आरोप है कि पूरी राशि देने के बावजूद न तो कोई टेंडर मिला और न ही पैसे वापस किए गए। इसके बाद नवंबर 2024 में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई।
















