Government Response to Chandigarh Officials: सांसद की क्यों नहीं सुनते चंडीगढ़ के अफसर?

चंडीगढ़ से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, सांसद मनीष तिवारी द्वारा नगर निगम के अधिकारियों को भेजे गए पत्रों का कोई जवाब नहीं मिलने का मामला अब केंद्र सरक
चंडीगढ़ से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, सांसद मनीष तिवारी द्वारा नगर निगम के अधिकारियों को भेजे गए पत्रों का कोई जवाब नहीं मिलने का मामला अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। सांसद ने इस संबंध में केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को शिकायत की थी, जिसके बाद डीओपीटी ने चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव को उचित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। सांसद तिवारी ने आरोप लगाया है कि पिछले 15 महीनों में उन्होंने नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार और अन्य अधिकारियों को कई पत्र भेजे, लेकिन उन्हें न तो कोई पावती मिली और न ही विस्तृत जवाब। उन्होंने डीओपीटी के एक कार्यालय ज्ञापन का हवाला देते हुए कहा कि सांसदों के पत्रों की पावती 15 दिनों के भीतर दी जानी चाहिए। इस मामले में अब चंडीगढ़ प्रशासन के कार्मिक विभाग ने नगर निगम कमिश्नर से जल्द टिप्पणियां और स्पष्टीकरण मांगा है।
सांसद मनीष तिवारी ने एक अक्टूबर 2025 को केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर चंडीगढ़ के नागरिकों से जुड़े मुद्दों, शिकायतों और सुझावों के संबंध में अपनी चिंताओं को व्यक्त किया था। उन्होंने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों को भेजे गए पत्रों का कोई जवाब नहीं आया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इस संदर्भ में, डीओपीटी के अवर सचिव रुपेश कुमार ने चार जून 2026 को चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने नौ जुलाई 2026 को नगर निगम कमिश्नर को पत्र भेजकर जल्द टिप्पणियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
















