Kanwar Yatra 2026: गाजियाबाद के चार होटल और सोसाइटीज पर कोर्ट में मामला दर्ज

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अग्निशामक अधिकारियों ने कांवड़ शिविरों का निरीक्षण किया। इस निरीक्
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अग्निशामक अधिकारियों ने कांवड़ शिविरों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में बहुमंजिली आवासीय इमारतों और होटलों में अग्निशामक सुरक्षा के इंतजामों की जांच की गई। सुरक्षा में खामियां पाए जाने पर चार बिल्डिंग और होटल के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया गया है। मुख्य अग्निशामक अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को विभिन्न कांवड़ शिविरों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान शिविर संचालकों को अग्निशामक यंत्र, रेत, पानी, सुरक्षित बिजली वायरिंग, गैस सिलेंडरों के सुरक्षित उपयोग और आपातकालीन निकास मार्ग रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुगम बनाने के लिए संवेदनशील स्थानों पर 15 ड्यूटी प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। इन प्वाइंट पर 15 अग्निशामक वाहन और करीब 85 अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहेंगे, जो अग्नि सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सहायता के लिए मुस्तैद रहेंगे।
अधिकारियों ने जिले में बहुमंजिली आवासीय इमारतों और होटलों में अग्निशामक सुरक्षा के इंतजामों की जांच की। इस दौरान कुछ बिल्डिंग में अग्निशामक उपकरण अकार्यशील पाए गए। अधिकारियों ने बिल्डर, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष और मेंटेनेंस टीम को इन्हें सही कराने के निर्देश दिए हैं। अगर नोटिस के बावजूद मानकों का पालन नहीं किया गया और खामियां दूर नहीं की गईं, तो क्रासिंग रिपब्लिक स्थित गाड ग्लोबल विलेज, एनएच-9 स्थित महागुन पुरम आवासीय परिसर, जीटी रोड स्थित स्विस होटल एंड बैंक्वेट हाल और नेहरू नगर स्थित होटल पृथ्वी पैलेस के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया गया है।
इस मामले में अग्निशामक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि को देखते हुए सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। अधिकारियों ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देशित किया है कि वे अग्निशामक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखा जा सके। इस प्रकार की कार्रवाई से यह संदेश भी जाता है कि प्रशासन सुरक्षा के प्रति गंभीर है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को सहन नहीं करेगा।
















