Maharashtra: उपमुख्यमंत्री शिंदे की नसीहत, जनसेवा पर जोर दें जनप्रतिनिधि; पुणे में महिला का अमानवीय कृत्य

पुणे में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक महिला ने अपने नौ महीने के भतीजे की जान लेने की कोशिश की। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला घरेलू विवाद से जुड़
पुणे में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक महिला ने अपने नौ महीने के भतीजे की जान लेने की कोशिश की। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला घरेलू विवाद से जुड़ा हुआ है। महिला ने कथित तौर पर अपने भतीजे के मुंह में इंस्टेंट एडहेसिव, जिसे आमतौर पर सुपरग्लू के नाम से जाना जाता है, डाल दिया। यह घटना 31 जुलाई को लोहगांव इलाके में हुई, जब बच्चे की मां और आरोपी महिला के बीच विवाद चल रहा था। बच्चे को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बच्चे के पिता ने इस मामले की शिकायत लोहगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी महिला, जिसका नाम सानिया शेख है, बच्चे के पिता की भाभी है। सानिया और शिकायतकर्ता की पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था, जिसके चलते उसने इस अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि सानिया के दो अन्य रिश्तेदारों पर भी आरोप है कि उन्होंने बच्चे की मां को पुलिस के पास जाने की धमकी दी थी। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस घटना ने न केवल परिवार के सदस्यों बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और जनप्रतिनिधियों को नसीहत दी है कि उन्हें जनसेवा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि समाज में सुरक्षा का माहौल बना रहे। शिंदे ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने कार्यों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए काम करना चाहिए। इस घटना ने यह सवाल उठाया है कि क्या समाज में घरेलू विवादों को सुलझाने के लिए पर्याप्त प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रकार की घटनाएं न केवल परिवारों को प्रभावित करती हैं, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चिंता का विषय बन जाती हैं।
















