Meta's Apology Demand: पीएम मोदी के वीडियो हटाने पर माफी मांगे मार्क जकरबर्ग

भारत सरकार और मेटा के बीच चल रहा विवाद अब और गंभीर रूप लेता जा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक फेसबुक वीडियो कुछ समय के लिए हटा दिया गया था,
भारत सरकार और मेटा के बीच चल रहा विवाद अब और गंभीर रूप लेता जा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक फेसबुक वीडियो कुछ समय के लिए हटा दिया गया था, जिसके बाद यह मामला संसद की स्थायी समिति तक पहुंच गया है। समिति ने मेटा के CEO मार्क जकरबर्ग से तीन दिन के भीतर व्यक्तिगत माफी मांगने का आदेश दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि अगर जकरबर्ग ने माफी नहीं मांगी, तो कंपनी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है। यह विवाद जुलाई के अंत में शुरू हुआ था, जब प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो छात्रों और पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा कर रहा था। मेटा ने बाद में यह कहा कि वीडियो को तकनीकी गलती के कारण हटाया गया था और इसे फिर से बहाल कर दिया गया। हालांकि, सरकार इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है।
संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी स्थायी समिति ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने कहा कि केवल सामान्य माफी काफी नहीं है, बल्कि जकरबर्ग को खुद सामने आकर माफी मांगनी चाहिए। समिति ने इसके लिए तीन दिन का समय दिया है। इस विवाद में सेफ हार्बर प्रोटेक्शन का मुद्दा भी चर्चा का विषय बना हुआ है। भारत में सोशल मीडिया कंपनियों को IT Act की धारा 79 के तहत सेफ हार्बर प्रोटेक्शन मिलता है, जिसका मतलब है कि किसी यूजर द्वारा पोस्ट की गई सामग्री के लिए कानूनी जिम्मेदारी कंपनी पर नहीं आती, जब तक कंपनी कानून के अनुसार काम कर रही हो। यदि मेटा इस मामले में संतोषजनक जवाब नहीं देती है, तो सेफ हार्बर प्रोटेक्शन की समीक्षा की जा सकती है, जिससे कंपनी के लिए भारत में कानूनी जोखिम बढ़ सकते हैं।
इससे पहले, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भी मेटा के अधिकारियों को तलब किया था। सरकार जानना चाहती है कि वीडियो क्यों हटाया गया और कंपनी के कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम में ऐसी गलती कैसे हुई। मेटा का कहना है कि वीडियो किसी नीति का उल्लंघन नहीं करता था और यह तकनीकी गलती थी। हालांकि, यह मामला प्रधानमंत्री से जुड़ा होने के कारण इसकी गंभीरता और बढ़ गई है। पिछले कुछ वर्षों में भारत सरकार और बड़ी टेक कंपनियों के बीच कंटेंट मॉडरेशन, डेटा सुरक्षा, और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही को लेकर कई बार टकराव हुआ है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि मेटा की तरफ से अगले कुछ दिनों में क्या प्रतिक्रिया आती है।
















