Missing Road in Mumbai: BMC के डीपी प्लान में दर्ज सड़क जमीन पर गायब, BJP विधायक ने की जांच की मांग

मुंबई में पुलिस को एक अनोखी शिकायत मिली है, जिसमें मुलुंड क्षेत्र में एक पूरी सड़क के गायब होने की बात सामने आई है। यह शिकायत बीजेपी विधायक मिहिर कोटेचा और नगरस
मुंबई में पुलिस को एक अनोखी शिकायत मिली है, जिसमें मुलुंड क्षेत्र में एक पूरी सड़क के गायब होने की बात सामने आई है। यह शिकायत बीजेपी विधायक मिहिर कोटेचा और नगरसेविका दीपिका घाग ने मुलुंड पुलिस थाने में दर्ज कराई है। विधायक कोटेचा का आरोप है कि एक निजी बिल्डर ने विकास योजना में शामिल एक सार्वजनिक सड़क को अपने प्रोजेक्ट में समाहित कर लिया है। उनका कहना है कि यह सड़क सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित थी, लेकिन अब जमीन पर इसका कोई अस्तित्व नहीं है। बीएमसी के आधिकारिक विकास योजना में यह सड़क अभी भी दर्ज है।
कोटेचा ने बताया कि यह सड़क लगभग 9 मीटर चौड़ी है और इसे विकास योजना में पीले रंग की पट्टी के रूप में दर्शाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सड़क का स्वरूप बदला गया है, तो यह किस आदेश और प्रक्रिया के तहत हुआ। विधायक ने इस मामले को केवल सड़क के गायब होने का मामला नहीं, बल्कि सरकारी जमीन पर कब्जे और नगर नियोजन नियमों के उल्लंघन का गंभीर मामला बताया। उन्होंने पुलिस और बीएमसी से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बीजेपी नगरसेविका दीपिका घाग ने कहा कि यदि यह सड़क बन जाती, तो इलाके की ट्रैफिक समस्या काफी हद तक कम हो सकती थी। उन्होंने बताया कि इस सड़क के निर्माण से लगभग 25 से 30 हजार स्थानीय लोगों को सीधा लाभ होता। उनके अनुसार, लाल बहादुर शास्त्री रोड से लोग सीधे इस सड़क के जरिए अपने घर पहुंच सकते थे, लेकिन सड़क के न होने के कारण उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।
मुलुंड पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बीएमसी के टी वार्ड को पत्र लिखकर मामले की आधिकारिक जानकारी और रिकॉर्ड मांगा है। मुलुंड पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संतोष घाटेकर ने बताया कि बीएमसी से जवाब मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में यह पाया जाता है कि सार्वजनिक सड़क पर अवैध कब्जा किया गया है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















