Protests in Nepal: मुस्लिम आरक्षण समाप्त करने और आयोग भंग करने के लिए आमरण अनशन

नेपाल में हाल ही में हुए सांप्रदायिक हिंसा के बाद स्थिति काफी गंभीर हो गई है। सुनसरी जिले के देवानगंज में हुई इस हिंसा ने काठमांडू में राष्ट्रीय एकता दल के सदस्
नेपाल में हाल ही में हुए सांप्रदायिक हिंसा के बाद स्थिति काफी गंभीर हो गई है। सुनसरी जिले के देवानगंज में हुई इस हिंसा ने काठमांडू में राष्ट्रीय एकता दल के सदस्यों को आमरण अनशन पर जाने के लिए मजबूर कर दिया है। यह अनशन अब आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिसमें संगठन मुस्लिम आरक्षण को समाप्त करने, मुस्लिम आयोग को भंग करने और अवैध शरणार्थियों को देश से बाहर निकालने की मांग कर रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय यादव ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण उन्हें 24 घंटे का अल्टीमेटम देने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके बाद काठमांडू में विरोध प्रदर्शन करते हुए अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा।
अनशन स्थल पर पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने हिंसा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवारों के लिए न्याय, दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने जिहादियों के खिलाफ फांसी का कानून बनाने और रोहिंग्या तथा बांग्लादेशी शरणार्थियों को निष्कासित करने की मांग भी उठाई। उनका मानना है कि ये लोग देश की शांति व्यवस्था में बाधा डाल रहे हैं। संगठन की प्रमुख मांगों में मृतकों को शहीद का दर्जा देना, प्रत्येक पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देना, घायलों का मुफ्त इलाज और स्मृति पार्क का निर्माण शामिल है।















