Opposition uproar in assembly: सपा का आचरण सदन की मर्यादा के खिलाफ, सीएम योगी का तंज

उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। मंगलवार को मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामेदार रहा, जिसमें विपक्ष ने लगातार सरकार को घ
उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। मंगलवार को मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामेदार रहा, जिसमें विपक्ष ने लगातार सरकार को घेरने का प्रयास किया। कार्यवाही के स्थगन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सपा का आचरण सदन की मर्यादा के खिलाफ है और यह न केवल सदन की अवमानना है, बल्कि अलोकतांत्रिक और शर्मनाक भी है। सीएम योगी ने कहा कि आज पूरे प्रदेश ने विधानसभा में सपा और विपक्ष का आचरण देखा है, जो कि लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सदन नियमों और परंपराओं के अनुसार चलता है और किसी भी मुद्दे पर चर्चा तभी हो सकती है जब वह न्यायाधिकरण या आयोग के पास लंबित न हो।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया और संचालन के नियम 59 के तहत यह पहले से ही निर्धारित है कि जो मुद्दा किसी न्यायाधिकरण या आयोग के पास लंबित हो, उस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि विशेष परिस्थितियों में यदि अध्यक्ष समझते हैं कि चर्चा के कारण जांच प्रक्रिया में कोई व्यवधान नहीं आएगा, तो वे अनुमति दे सकते हैं। इस संदर्भ में, उन्होंने अयोध्या राम मंदिर से संबंधित मामले का उल्लेख किया, जो कि वर्तमान में कोर्ट में लंबित है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे को समझते हुए भी सपा ने सदन की अवमानना की है और कोर्ट में लंबित प्रक्रिया को अपमानित करने का प्रयास किया है।
सीएम योगी ने विपक्ष के हंगामे को लेकर कहा कि यह केवल सदन का अपमान नहीं है, बल्कि यह पूरे लोकतंत्र का अपमान है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे सदन की गरिमा को बनाए रखें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करें। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदन में चर्चा करने के लिए नियमों का पालन करना आवश्यक है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जनता के हित में कार्य कर रही है और विपक्ष को चाहिए कि वे सकारात्मक भूमिका निभाएं। इस प्रकार, विधानसभा में चल रही गतिविधियों पर सीएम योगी का यह बयान विपक्ष के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

















