Pakistan deploys 250 Howitzer guns from China: पाकिस्तान ने चीन से मंगाई 250 हॉवित्जर तोपें, भारत सीमा पर तैनात

पाकिस्तान ने हाल ही में चीन से 250 sh-15 155mm ट्रक-माउंटेड सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी सिस्टम प्राप्त किए हैं, जिन्हें भारत के साथ पश्चिमी सीमा पर तैनात किया जा र
पाकिस्तान ने हाल ही में चीन से 250 SH-15 155mm ट्रक-माउंटेड सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी सिस्टम प्राप्त किए हैं, जिन्हें भारत के साथ पश्चिमी सीमा पर तैनात किया जा रहा है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ये अत्याधुनिक हॉवित्जर उत्तर से दक्षिण तक विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में तैनात किए जा रहे हैं। यह कदम ऑपरेशन सिंदूर के बाद उठाया गया है, जिसमें भारत की तीनों सेनाओं ने आतंकवाद विरोधी कार्रवाई की थी और पाकिस्तान की आर्टिलरी क्षमताओं को नुकसान पहुंचाया था। अब रावलपिंडी ने अपनी जमीनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए इन आधुनिक सिस्टम को प्राथमिकता दी है। 250 यूनिट्स कई आर्टिलरी रेजिमेंट को सुसज्जित करने के लिए पर्याप्त हैं, जिससे पाकिस्तान की फायर पावर में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।
SH-15 हॉवित्जर को चीन की सरकारी कंपनी नोरिंको ने विकसित किया है, और यह पीएलए के पीसीएल-181 का एक्सपोर्ट वर्जन है। यह 155mm/52-कैलिबर वाला व्हील्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर 6x6 आर्मर्ड शानक्सी ट्रक चेसिस पर आधारित है, जो सड़क पर 90 किलोमीटर प्रति घंटा की गति तक पहुंच सकता है। यह सिस्टम मानक 155mm नाटो राउंड को 30 से 40 किलोमीटर की दूरी तक और रॉकेट-असिस्टेड वी-एलएपी प्रोजेक्टाइल को 53 से 72 किलोमीटर तक दाग सकता है। इसमें ऑटोमेटेड फायर-कंट्रोल सिस्टम और हाइड्रोलिक स्पेड्स शामिल हैं, जिससे यह तेजी से सेटअप होता है और प्रति मिनट छह राउंड तक फायरिंग करने की क्षमता रखता है।
पाकिस्तान की यह खरीद उसकी सैन्य कमजोरियों को दूर करने का एक प्रयास है, लेकिन आर्थिक दबाव के बीच इतनी बड़ी संख्या में सिस्टम खरीदना और बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। चीन के साथ गहरी निर्भरता पाकिस्तान की स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी को प्रभावित कर सकती है। सीमा पर इन हॉवित्जरों की तैनाती भारत के कई सैन्य ठिकानों और लॉजिस्टिक रूटों को इनकी रेंज में ला सकती है। इससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन प्रभावित हो रहा है और भारत को अपनी आर्टिलरी आधुनिकीकरण को तेज करने की आवश्यकता हो सकती है। यह तैनाती सीमा सैन्यीकरण को नई ऊंचाई पर ले जा रही है, और दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण सीमा पर ऐसी आर्टिलरी की भारी तैनाती गलतफहमी या छोटी घटना को बड़े संघर्ष में बदल सकती है।
















