Pappu Yadav responds to saffron controversy: सनातन की रक्षा के लिए बलिदान देने को तैयार

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, जो हाल ही में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के गबन के मामले में चर्चा में हैं, ने इस मुद्दे पर अपनी स्थ
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, जो हाल ही में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के गबन के मामले में चर्चा में हैं, ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। रविवार को पूर्णिया में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें इस मामले को उजागर करने के बाद जान से मारने की धमकी मिल रही है। यादव ने कहा कि उनके खिलाफ हमले की कोशिश की गई, जिससे उनके समर्थकों में रोष फैल गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है ताकि उन्हें निशाना बनाया जा सके। यादव ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने जो कुछ भी किया है, वह सनातन धर्म की रक्षा के लिए किया है और इसके लिए वे किसी भी प्रकार का बलिदान देने को तैयार हैं।
यादव ने कहा कि सनातन धर्म पर हमला देश की आस्था और करोड़ों लोगों के विश्वास पर हमला है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भगवान के साथ धोखा करना भी एक गंभीर अपराध है। इसके अलावा, उन्होंने प्रयागराज में 2026 के माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए दुर्व्यवहार का भी उल्लेख किया। यादव ने कहा कि उस समय भी किसी ने इस मुद्दे पर आवाज नहीं उठाई थी। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे संतों की आवाज उठाने के लिए आगे आएं और भगवा पहनने में गर्व महसूस करें।
यादव ने कांग्रेस के नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का भी जिक्र किया, जिन्होंने देश की धार्मिक आस्था के साथ खड़े होने का दावा किया है। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे के गबन के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। यादव ने कहा कि राम मंदिर से गायब हुए 200 किलो चांदी और 3300 करोड़ रुपये के मामले की जांच होनी चाहिए। इस कार्यक्रम के दौरान, यादव ने छात्रों की गूंज को लेकर आयोजित मैराथन दौड़ में भाग लिया और उसके बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गए, जहां उनके आवास पर हमले की कोशिश की गई। यह घटना उनके लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
















