Parliamentary Deadlock Continues Despite Shah's Offer: जंतर मंतर प्रोटेस्ट पर अमित शाह के बयान की पेशकश के बावजूद संसद में गतिरोध जारी
जंतर मंतर प्रोटेस्ट पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की पेशकश के बावजूद संसद के मानसून सत्र में गतिरोध खत्म नहीं हो सका है। सरकार ने विपक्ष की लंबे समय से चली आ र
जंतर मंतर प्रोटेस्ट पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की पेशकश के बावजूद संसद के मानसून सत्र में गतिरोध खत्म नहीं हो सका है। सरकार ने विपक्ष की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए छात्र प्रदर्शनों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर लोकसभा में विस्तृत चर्चा कराने और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब दिलाने की पेशकश की। लेकिन कांग्रेस ने इसे पर्याप्त नहीं माना। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के मुद्दे पर केवल सामान्य चर्चा या गृह मंत्री का भाषण पर्याप्त नहीं है। पार्टी की मांग है कि अमित शाह को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि 20 जुलाई को जंतर मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और कथित तौर पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था। इसके साथ ही कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित चोरी के आरोपों पर भी संसद में चर्चा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब की मांग दोहराई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि ये मुद्दे उनके लिए नॉन-नेगोशिएबल हैं यानी इन पर कोई समझौता नहीं होगा।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि सरकार छात्रों और युवाओं के आंदोलनों तथा उनके खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह इस चर्चा का सरकार की ओर से जवाब देंगे और हर मुद्दे पर बिंदुवार प्रतिक्रिया देंगे। हालाँकि, सरकार ने इसके साथ एक शर्त भी रखी। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष को चर्चा के दौरान सदन में टोकाटोकी व हंगामा नहीं करना चाहिए और गृह मंत्री का जवाब शांतिपूर्वक सुनना चाहिए। सरकार का कहना है कि विपक्ष कई दिनों से अमित शाह के संसद में बयान की मांग कर रहा था और अब जब सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्ष को चर्चा से भागना नहीं चाहिए। रिजिजू ने विपक्ष से कहा कि वह गृह मंत्री के जवाब के दौरान सदन में मौजूद रहे और किसी तरह का व्यवधान पैदा न करे।
















