Election Commission Complaint: प्रशांत किशोर ने पटना SSP के खिलाफ की शिकायत

बिहार की राजनीति में चुनावी गतिविधियाँ एक बार फिर से तेज हो गई हैं। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ssp) के खिलाफ मो
बिहार की राजनीति में चुनावी गतिविधियाँ एक बार फिर से तेज हो गई हैं। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने पटना के चीफ इलेक्शन ऑफिसर से मिलकर SSP के खिलाफ एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। प्रशांत किशोर का आरोप है कि पटना का SSP अपने सहयोगी पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर आगामी चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन निष्पक्ष तरीके से कार्य नहीं कर रहा है और किसी विशेष राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने के लिए सत्ता के दबाव में काम किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग को चेतावनी दी है कि यदि SSP के खिलाफ तुरंत कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इस मुद्दे को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें यहां न्याय नहीं मिला, तो वे दिल्ली के केंद्रीय चुनाव आयोग का रुख करेंगे और जरूरत पड़ने पर कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
प्रशांत किशोर ने इस विवाद की शुरुआत का जिक्र करते हुए बताया कि यह सब वोटिंग के ठीक पहले और मतदान के दिन पुलिस की कार्रवाई को लेकर हुआ। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने एकतरफा रुख अपनाते हुए जन सुराज के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया है। उन्होंने दावा किया कि मतदान से ठीक पहले की रात और मतदान के दिन, पुलिस ने बिना किसी वैध कारण, FIR या वारंट के जन सुराज के 30 से अधिक नेताओं, कार्यकर्ताओं और बूथ एजेंटों को हिरासत में ले लिया। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार बूथ के बाहर जो वोटर असिस्टेंस डेस्क लगाई गई थी, वहां से भी पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं को जबरदस्ती उठा लिया। इन सभी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग थानों में घंटों तक बिठाकर रखा गया।
















