Wastewater to Valuable Copper: IIT(ISM) धनबाद की तकनीक को भारत सरकार का पेटेंट

धनबाद से आईटी(ism) धनबाद ने शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस संस्थान के पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेस
धनबाद से आईटी(ISM) धनबाद ने शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस संस्थान के पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर विपिन कुमार और उनके पीएचडी शोधार्थियों निशांत पांडेय और अंकुर सिंह को अपशिष्ट जल से तांबा (कापर) की रिकवरी से संबंधित एक अभिनव तकनीक के लिए भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा पेटेंट प्रदान किया गया है। इस तकनीक का नाम 'अपशिष्ट जल से कैथोडिक विधि द्वारा तांबा प्राप्त करने के लिए एक इलेक्ट्रोकेमिकल रिएक्टर' है, जिसे 30 जुलाई 2026 को पेटेंट की मंजूरी मिली। यह तकनीक एक विशेष इलेक्ट्रोकेमिकल रिएक्टर का उपयोग करके अपशिष्ट जल से तांबा निकालने में सक्षम है। इससे न केवल औद्योगिक अपशिष्ट जल का पर्यावरण के अनुकूल उपचार संभव होगा, बल्कि मूल्यवान धातुओं की रिकवरी भी की जा सकेगी। यह तकनीक विशेष रूप से उन क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकती है, जो खनन से प्रभावित हैं, जहां अपशिष्ट जल में भारी धातुओं का प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बन गया है।
इस तकनीक के माध्यम से जैव-इलेक्ट्रोकेमिकल प्रक्रिया के जरिए संसाधनों की पुनर्प्राप्ति को बढ़ावा मिलेगा, जो सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। प्रो. विपिन कुमार ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह पेटेंट कई वर्षों की मेहनत, निरंतर शोध और धैर्य का परिणाम है। पेटेंट प्राप्त करने की प्रक्रिया काफी चुनौतीपूर्ण रही, जिसमें हर चरण पर हमें अपनी तकनीक की नवीनता और वैज्ञानिक उपयोगिता को साबित करना पड़ा। हमें गर्व है कि हमारे शोध को अब आधिकारिक मान्यता मिली है और हम आशा करते हैं कि यह तकनीक विशेषकर खनन प्रभावित क्षेत्रों में अपशिष्ट जल प्रबंधन और संसाधनों की रिकवरी में सहायक साबित होगी।



















