Constable Accused of Rape: जीजा ने साली को नहीं छोड़ा कहीं का, कांस्टेबल पर लगा दुष्कर्म का आरोप; फिरोजाबद कोर्ट में पहुंचा मामला

फिरोजाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक तलाकशुदा महिला ने अपने जीजा पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने आरोप लगाया है कि उसका जीजा, जो
फिरोजाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक तलाकशुदा महिला ने अपने जीजा पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने आरोप लगाया है कि उसका जीजा, जो कि एक हेड कांस्टेबल है, पिछले दो वर्षों से उसका मानसिक और शारीरिक शोषण कर रहा है। महिला का कहना है कि उसने अपने जीजा के खिलाफ कई बार शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अंत में, महिला ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जहां न्यायालय ने उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया और थाना उत्तर पुलिस को निर्देश दिया कि आरोपित कांस्टेबल को अगले महीने पेश किया जाए। महिला ने आरोप लगाया कि उसके जीजा ने 1 सितंबर, 9 अक्टूबर और 14 फरवरी को उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने कहा कि जब भी उसने शिकायत की, उसके जीजा ने उच्चाधिकारियों से सिफारिश कर कार्रवाई को रोक दिया।
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि 18 मई 2025 की सुबह, जब वह अपने घर जा रही थी, तब उसका जीजा कुछ अज्ञात लोगों के साथ आया और उसे अपनी गाड़ी में जबरदस्ती डालकर सुनसान जगह पर ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। महिला ने इस घटना की शिकायत उत्तर पुलिस से की, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद, उसने एसएसपी को ऑनलाइन शिकायत भेजी, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः, महिला ने न्यायालय का सहारा लिया, जिसने उसके परिवाद को स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना उत्तर पुलिस को निर्देश दिया कि वे आरोपित कांस्टेबल को 10 सितंबर को न्यायालय में पेश करें।
मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार वर्मा द्वितीय की अदालत ने 29 जुलाई को मामले की सुनवाई की। थाना उत्तर के इंस्पेक्टर रवि त्यागी ने बताया कि अभी तक उन्हें न्यायालय से ऐसा कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। यह मामला न केवल महिला के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चिंता का विषय है, जहां एक पुलिसकर्मी पर ही इस तरह के गंभीर आरोप लगे हैं। ऐसे मामलों में न्यायालय की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे पीड़ितों को न्याय दिलाने में मदद मिलती है। यह मामला इस बात का भी संकेत है कि समाज में महिलाओं के खिलाफ हिंसा और शोषण के मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
















