Reels in Parliament: सांसदों का 21वीं सदी का नशा, राहुल गांधी का आरोप

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पिछले हफ्ते प्रयागराज में छात्रों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि युवाओं को रील्स देखने और बनाने में उलझाया जा रहा है
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पिछले हफ्ते प्रयागराज में छात्रों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि युवाओं को रील्स देखने और बनाने में उलझाया जा रहा है। उन्होंने इसे 21वीं सदी का नशा करार दिया। हालांकि, इस बात के बावजूद कि कांग्रेस नेता यह कह रहे हैं, देश के कई बड़े और चर्चित नेता भी रील्स की रंगीन दुनिया से जुड़े हुए हैं। कई सांसद संसद भवन परिसर में ही रील बनाने लग जाते हैं।
संसद परिसर में सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के कारण कई सांसद जनता और मीडिया के बीच चर्चा का केंद्र बन जाते हैं। इस तरह की गतिविधियों से संसद की मर्यादा और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति पर बहस उठती रही है। खास बात यह है कि रील्स बनाने वालों में केवल विपक्ष के सांसद ही नहीं, बल्कि कई सत्ताधारी सांसद भी शामिल हैं।
राहुल गांधी एक ओर रील्स को 21वीं सदी का नशा करार देते हैं, दूसरी ओर, ऐसे सांसदों की संख्या बढ़ती जा रही है जो संसद परिसर में रील्स बनाने लग जाते हैं। चल रहे मानसून सत्र में कई सांसदों ने संसद परिसर में रील्स बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड किया।
पश्चिम बंगाल की चर्चित हस्तियों में से एक, नेशनल सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) की नेता, सांसद और अभिनेत्री सायनी घोष ने हाल ही में संसद परिसर में मॉनसून-थीम वाला इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर किया। रील में उन्होंने लिखा, "दूर तक छाये थे बादल और कहीं साया ना था, इस तरह बरसात का मौसम कभी आया ना था।" लंच ब्रेक के दौरान संसद परिसर में बारिश का मजा लेते हुए उन्हें एक रील में देखा जा सकता है।
















