Reel's Passion Turns Tragic: कानपुर के बिठूर में गंगा में डूबीं चार किशोरियां, तीन बचीं, एक लापता

कानपुर के बिठूर में गुरुवार को गुदारा घाट पर एक दुखद घटना घटी, जब चार किशोरियां गंगा में स्नान करते समय सेल्फी लेने के चक्कर में गहरे पानी में डूबने लगीं। स्थान
कानपुर के बिठूर में गुरुवार को गुदारा घाट पर एक दुखद घटना घटी, जब चार किशोरियां गंगा में स्नान करते समय सेल्फी लेने के चक्कर में गहरे पानी में डूबने लगीं। स्थानीय दुकानदारों और गोताखोरों की मदद से तीन किशोरियों को बचा लिया गया, लेकिन एक किशोरी तेज बहाव में बह गई, जिसका अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। बचाई गई किशोरियों में 17 वर्षीय अनुष्का यादव, 16 वर्षीय रिया कुशवाहा और 17 वर्षीय अनामिका यादव शामिल हैं। ये सभी किशोरियां बिठूर में घूमने आई थीं और गंगा में नहाने के दौरान गहराई में जाकर रील बना रही थीं। अचानक तेज बहाव की चपेट में आने के कारण चारों किशोरियां डूबने लगीं। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के दुकानदार और गोताखोर तुरंत गंगा में कूद पड़े और तीन किशोरियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, मुस्कान यादव नामक एक किशोरी तेज बहाव में बह गई, जिसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
घटना के बाद, स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बचाई गई किशोरियों की मदद की। कस्बा चौकी प्रभारी अभिषेक भदौरिया ने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर किशोरियों को पंपिंग करके उनके पेट में भरे पानी को बाहर निकाला। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी भी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाई गई किशोरियों से पूछताछ की। इस दौरान किशोरियों ने अपने नाम और पते के बारे में गलत जानकारी दी। मुस्कान की दादी सुशीला ने बताया कि मुस्कान इंटर पास करने के बाद घर पर ही रह रही थी और बिना बताए घर से निकली थी। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनकी पोती बिठूर गई थी। अनुष्का यादव, जो मूल रूप से अयोध्या की रहने वाली हैं, पिछले चार साल से अपनी दादी और भाई-बहनों के साथ रह रही थीं।
मुस्कान की तलाश के लिए गोताखोरों की एक टीम शुक्लागंज से भी बुलाई गई है और जाल डालने का काम भी किया जा रहा है, लेकिन तेज बहाव के कारण देर शाम तक उसका पता नहीं चल सका। प्रशासन ने गंगा स्नान पर्व के दौरान घाटों पर सुरक्षा बलों को तैनात करने का निर्णय लिया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को सचेत रहने के लिए कहा जा रहा है। दुकानदारों और गोताखोरों की मदद से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
















