Midnight Ruckus at Sagar Convent School: धर्म परिवर्तन के शक में भीड़ का हंगामा

मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई स्थित होली कॉन्वेंट स्कूल में शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात उस समय हड़कंप मच गया, जब धर्म परिवर्तन के संदेह में दर्जनों हि
मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई स्थित होली कॉन्वेंट स्कूल में शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात उस समय हड़कंप मच गया, जब धर्म परिवर्तन के संदेह में दर्जनों हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्कूल परिसर में घुसकर जोरदार हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने जय श्रीराम और धर्म परिवर्तन नहीं चलेगा के नारे लगाते हुए परिसर को घेर लिया। यह हंगामा करीब 4 घंटे तक चला, जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात करीब 10 बजे स्कूल के अंदर नन बनने की प्रक्रिया से जुड़ा एक धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान स्कूल के मुख्य गेट पर भीड़ जुटने लगी। देखते ही देखते युवक नारेबाजी करते हुए स्कूल परिसर के भीतर तक दाखिल हो गए। सूचना मिलते ही देहात और शहरी थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में कमरों में जाकर बाहर से आए लोगों से पूछताछ और मुलाकात करने की मांग रखी।
कमरों में ठहरे महिला-पुरुषों ने पूछताछ में खुद को लंबे समय से ईसाई धर्म का अनुयायी बताया। हालांकि, उनके पहचान पत्रों (आइडेंटिटी प्रूफ) पर नाम आदिवासी समुदाय के होने के कारण हिंदू संगठनों का शक और गहरा गया। जब पुलिस अधिकारियों ने सभी को बाहर चलकर शांतिपूर्वक बात करने को कहा, तो प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं हुए। इस दौरान शहरी थाना प्रभारी और युवकों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीना एसडीओपी अजय कुमार सरकार, नायब तहसीलदार, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) और बीआरसी भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे।
हंगामे के बीच पुलिस ने बातचीत के लिए कुछ प्रतिनिधियों को अंदर बुलाया। इसी दौरान स्कूल के पीछे वाले गेट पर स्थिति बिगड़ गई, जहां माहौल देखने आए ईसाई समुदाय के एक युवक के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई। दूसरी ओर, स्कूल की प्राचार्या सिस्टर केथरिन ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी 3 सिस्टर नन बनने जा रही हैं, जो हमारे समाज के लिए एक बड़ा और पवित्र आयोजन है। इसमें शामिल होने के लिए केवल नन बनने वाली सिस्टरों के परिवार वाले ही स्कूल परिसर में ठहरे हुए हैं। धर्म परिवर्तन जैसी कोई गतिविधि यहाँ नहीं हो रही है।
















