Political dynamics shift with Modi-Badal meeting: मोदी-बादल की मुलाकात ने सियासी तस्वीर बदल दी

पंजाब में पिछले तीन दशकों से साथ रहे अकाली दल और बीजेपी के बीच रिश्ते फिर से चर्चा में हैं। 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर अलग होने के बाद दोनों दलों ने 202
पंजाब में पिछले तीन दशकों से साथ रहे अकाली दल और बीजेपी के बीच रिश्ते फिर से चर्चा में हैं। 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर अलग होने के बाद दोनों दलों ने 2022 का विधानसभा और 2024 का लोकसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा। लेकिन अब विधानसभा चुनाव से पहले सुखबीर बादल की पीएम मोदी से वन-टू-वन मुलाकात ने राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावनाएं बढ़ा दी हैं।
सूत्रों के अनुसार, सुखबीर बादल ने हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी, जिसके बाद पीएम मोदी से मिलने का रास्ता खुला। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब बीजेपी ने पहले स्पष्ट किया था कि वह पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
हालांकि, सुखबीर बादल की मोदी से मुलाकात ने राजनीतिक तस्वीर को फिर से बदल दिया है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुलाकात पर तंज करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने लिखा है, "ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे।"
बीजेपी के एक बड़े वर्ग का मानना है कि अकाली दल के साथ गठबंधन न होने से पार्टी को फायदा होगा, लेकिन इससे पंथीक वोटरों का झुकाव कट्टरपंथी संगठन वारिस पंजाब दे की ओर हो सकता है। ऐसे में अगर पंथीक वोटरों को वारिस पंजाब दा से दूर रखना है, तो अकाली दल का राजनीतिक दबदबा बनाए रखना जरूरी है।















