Sister's Fight for Justice: प्राची ने 13 साल बाद भाई को दिलाया इंसाफ, 7 रसूखदारों को उम्रकैद

उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक दिल को छू लेने वाली कहानी सामने आई है, जिसमें एक बहन ने अपने इकलौते भाई की हत्या के खिलाफ 13 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। प्राची ने अप
उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक दिल को छू लेने वाली कहानी सामने आई है, जिसमें एक बहन ने अपने इकलौते भाई की हत्या के खिलाफ 13 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। प्राची ने अपने हौसले और दृढ़ संकल्प के बल पर न्याय की इस लंबी यात्रा में कई कठिनाइयों का सामना किया। इस दौरान उन्होंने अपने माता-पिता को खोया और कई बार धमकियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। हाल ही में, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 7 रसूखदार आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में प्राची की मेहनत और संघर्ष की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह न्याय की जीत का प्रतीक भी है।
इस मामले की शुरुआत 19 दिसंबर 2012 को हुई, जब प्रबल अग्रवाल नामक युवक अपने दोस्त के साथ एक कार्यक्रम में गया था। वहां कुछ रसूखदार लोगों के साथ उसका विवाद हो गया, जिसके परिणामस्वरूप उसे बुरी तरह पीटा गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए प्रबल के शव को गंगा नदी में फेंक दिया। प्रबल के पिता ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोपियों के रसूख के कारण पुलिस ने शुरू में इसे गुमशुदगी मानकर जांच की। एक महीने बाद प्रबल का शव गंगा किनारे मिला, जिससे शहर में उग्र प्रदर्शन हुआ।
प्राची ने इस कठिन समय में अधिवक्ता मोहम्मद जकावत का सहारा लिया, जिन्होंने केस लड़ने का जिम्मा उठाया। प्राची ने अपने परिवार के सदस्यों को खोने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और 313 तारीखों पर कोर्ट में पेश हुईं। अंततः अदालत ने 7 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने जांच अधिकारियों की लापरवाही पर भी कड़ा रुख अपनाया और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। इस फैसले के साथ ही प्राची की मेहनत और संघर्ष का फल मिला, जो न केवल उनके लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है।
















