Legal Verdict in Murder Case: पत्नी की हत्या के मामले में पति को उम्रकैद की सजा

चंदौसी (संभल) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एक पति को उसकी पत्नी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह
चंदौसी (संभल) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एक पति को उसकी पत्नी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला दहेज प्रताड़ना और अवैध संबंधों के विरोध में उठे विवाद के चलते उत्पन्न हुआ था। न्यायालय ने इस मामले में एक महिला को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। इसके साथ ही, दोषी पति पर 25500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे न चुकाने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश ने बताया कि यह मामला 12 अप्रैल 2020 को तब शुरू हुआ जब विजेंद्र सिंह ने हयातनगर थाने में अपनी बेटी अनीता की हत्या के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई। अनीता का विवाह लगभग 12 साल पहले रामरतन के साथ हुआ था, और शादी के बाद से ही उसे ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। इस बीच, अनीता ने अपने पति को उसके चचेरे भाई की पत्नी के साथ अवैध संबंध बनाते हुए पकड़ लिया, जिसके बाद पति ने उसके साथ मारपीट की। इस घटना के बाद अनीता के पिता ने उसे घर ले आया। 10 अप्रैल 2020 को रामरतन ने गांव के कुछ संभ्रांत लोगों के साथ मिलकर अनीता को अपने साथ ले जाने का प्रयास किया और कसम खाई कि वह आगे मारपीट नहीं करेगा। लेकिन 12 अप्रैल को जब विजेंद्र ने अपनी बेटी से बात करने का प्रयास किया, तो उसे मना किया गया। बाद में अनीता ने अपने परिवार को बताया कि उसे जान का खतरा है। जब परिवार ने भमौरी पट्टी पहुंचकर देखा, तो अनीता घर के अंदर मृत पड़ी मिली। ससुराल पक्ष के सभी लोग मौके से भाग चुके थे। पुलिस ने इस मामले में पति रामरतन, उसके जेठ और अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की। जांच के बाद, पुलिस ने रामरतन और महिला को हत्या का दोषी माना और न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपालजी के न्यायालय में हुई। गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने रामरतन को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
















