Supreme Court questions Bihar government: बिना चुनाव जीते 6 महीने से अधिक समय तक कोई मंत्री कैसे रह सकता है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की गई है। यह याचिका इस बात पर क
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की गई है। यह याचिका इस बात पर केंद्रित है कि कैसे दीपक प्रकाश बिना निर्वाचित हुए छह महीने से अधिक समय तक अपने मंत्री पद पर बने हुए हैं। याचिका में यह कहा गया है कि दीपक प्रकाश न तो विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(4) के अनुसार, किसी भी मंत्री को बिना निर्वाचित हुए छह महीने से अधिक समय तक अपने पद पर नहीं रहना चाहिए। इस मामले में चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बिहार सरकार से सवाल किया है कि यह कैसे संभव है कि कोई मंत्री इस सीमा का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से कानून का मामला है और राज्य सरकार को इस पर स्पष्टता प्रदान करनी होगी।
दीपक प्रकाश ने 15 अप्रैल, 2026 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पद छोड़ने से पहले चार महीने और 26 दिनों तक मंत्री के रूप में कार्य किया। इसके बाद, उन्होंने 7 मई, 2026 को सम्राट चौधरी द्वारा नई सरकार बनाने के बाद फिर से मंत्री पद की शपथ ली। इस बीच, 30 मई को दायर याचिका में उनकी नियुक्ति को अमान्य घोषित करने की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दीपक प्रकाश की नियुक्ति संविधान के साथ धोखाधड़ी के समान है, क्योंकि वे किसी भी सदन के लिए निर्वाचित नहीं हुए हैं।
















