Supreme Court dismisses Mahua Moitra's plea: महुआ मोइत्रा की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, अंडों से डरने की बात पर उठे सवाल

कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को पश्चिम बंगाल पुलिस के समक्ष पेश होने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को पश्चिम बंगाल पुलिस के समक्ष पेश होने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने सीने पर गोलियां खाईं, लेकिन सांसदों को अंडों से डर लग रहा है। महुआ मोइत्रा के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि कानून के तहत उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पुलिस के समक्ष पेश होने का अधिकार है। महुआ मोइत्रा ने कहा कि पुलिस के नोटिस के अनुसार उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र के थाने में पेश होना है, जहां उन्हें पहले अंडे फेंकने की धमकियां मिली थीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजनीति में आने के बाद सांसदों को अंडों से डरना नहीं चाहिए। बेंच ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी याचिकाएं अदालत में नहीं आनी चाहिए। कलकत्ता हाईकोर्ट ने महुआ मोइत्रा को नफरत फैलाने वाले भाषण के मामले में 21 जुलाई को अंतरिम राहत दी थी। इस बीच, शिरोमणि अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद भवन में मुलाकात की, जिससे बीजेपी-अकाली दल के गठबंधन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

















