Labor Policies Protest: श्रम नीतियों के खिलाफ गरजे मजदूर, सीएम को भेजा मांग पत्र

सुंदरनगर में मजदूरों ने अपनी आवाज उठाते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार की श्रम नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदेश मनरेगा, निर्माण एवं सर्व कामगार संग
सुंदरनगर में मजदूरों ने अपनी आवाज उठाते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार की श्रम नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदेश मनरेगा, निर्माण एवं सर्व कामगार संगठन के नेतृत्व में आयोजित इस आमसभा में मजदूरों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाई। इस प्रदर्शन में शामिल श्रमिकों ने सुंदरनगर के एसडीएम के माध्यम से राज्य सरकार को 5,000 कामगारों की ओर से हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने केंद्र सरकार के श्रम कानूनों में हो रहे बदलावों और मनरेगा के तहत रोजगार की कमी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा वर्ष 2023, 2024 और 2025 के लिए लंबित आर्थिक सहायता राशि को तुरंत जारी किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने मनरेगा के तहत साल में कम से कम 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करने और समय पर बेरोजगारी भत्ता देने की भी मांग की।
इस प्रदर्शन में मजदूरों ने एकजुटता का परिचय देते हुए सुंदरनगर, नेरचौक, नाचन और बल्ह क्षेत्र की पंचायतों में व्यापक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। इस अभियान में क्षेत्रीय कमेटी सुंदरनगर के संयोजक ललित कुमार सहित विभिन्न कमेटियों के सदस्यों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह आवश्यक है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान दे और उचित कदम उठाए। प्रदर्शन के दौरान, मजदूरों ने अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी संकल्प लिया और कहा कि वे अपने हक के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।
















