Tahir Husain: आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में हुई सजा, पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच को उम्रकैद

दिल्ली दंगों के दौरान हुए आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन समेत चार अन्य दोषियों को उम्रकैद
दिल्ली दंगों के दौरान हुए आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन समेत चार अन्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में ताहिर हुसैन, नजीर, आसिम, जावेद और अनास को दोषी ठहराया गया है। अंकित शर्मा की हत्या 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों के दौरान की गई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने हुसैन को आईपीसी की धारा 188, 153ए, 147, 148, 149, 365 और 302 के तहत दोषी ठहराया, जबकि आईपीसी की धारा 120बी और 129 के तहत उन्हें बरी कर दिया गया। इस मामले में अन्य तीन अभियुक्तों को जमानत मिल गई है, जबकि हुसैन की जमानत याचिका पिछले साल सितंबर में हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी। यह मामला दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से संबंधित है, जो अंकित के पिता की शिकायत पर आधारित है। जब दंगों के दौरान उनका बेटा लापता हो गया था, तब उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में अंकित का शव एक नाले से बरामद हुआ, जिसके बाद उन्हें जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
2020 में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा के कारण 24 फरवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें हुईं, जिसमें कम से कम 53 लोग मारे गए और कई घायल हुए थे। इसी दौरान जब अंकित शर्मा आरोपियों को शांत करने का प्रयास कर रहे थे, तभी उन्हें पकड़ लिया गया और उनकी हत्या कर दी गई। अंकित के पिता ने एफआईआर में आरोप लगाया था कि ताहिर हुसैन और उसके साथियों ने उनके बेटे की हत्या की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंकित के शरीर पर धारदार हथियारों से 51 चोटों का जिक्र किया गया है। मार्च 2023 में ट्रायल कोर्ट ने ताहिर हुसैन और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए थे। नाजिम पर शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत भी आरोप लगाए गए थे।
















