UP: दरोगा ने विवेचना में लगाई देर तो नपेंगे थानेदार, पुलिस आयुक्त ने दिए नए आदेश

उत्तर प्रदेश के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने विवेचनाओं में अनावश्यक देरी और आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेश के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने विवेचनाओं में अनावश्यक देरी और आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि विवेचना समय पर पूरी नहीं की गई या शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं हुआ, तो संबंधित थाना प्रभारी और विवेचक की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को पुलिस कमिश्नरेट में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में आयुक्त ने सावन, कांवड़ यात्रा और प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास प्रभावी डायवर्जन लागू कर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस और जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जांच मौके पर जाकर की जानी चाहिए। इसके साथ ही लंबित और डिफॉल्टर प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने यक्ष एप के माध्यम से अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा न्यायालय समन और नोटिस की तामील समयबद्ध करने पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विवेचना को 60 से 90 दिनों के भीतर पूरा कर अंतिम रिपोर्ट समय पर न्यायालय भेजी जानी चाहिए। आयुक्त ने संवेदनशील क्षेत्रों की ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी करने, जेल से छूटे अपराधियों पर नजर रखने और एनडीपीएस के मामलों में जब्त मादक पदार्थों के नियमानुसार निस्तारण के निर्देश भी दिए। इन सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल को सक्रिय रहने की आवश्यकता है।
















