Uttarakhand News: सलीम हत्याकांड के 11 हत्यारोपी साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त, अदालत ने सुनाया फैसला

काशीपुर में स्थित प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश मनोज गर्ब्याल ने बहुचर्चित सलीम हत्याकांड के 11 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया
काशीपुर में स्थित प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश मनोज गर्ब्याल ने बहुचर्चित सलीम हत्याकांड के 11 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब केलाखेड़ा निवासी मासूम अली ने 6 जून 2018 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मासूम ने अपनी शिकायत में बताया था कि 6 जून 2016 की शाम लगभग सात बजे वह अपने घर पर रोजा अफ्तारी की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान कुछ लोग, जिनमें लईक अहमद, गुड्डू, नब्बू, दूल्हा मियां, मुन्ने, राशिद, फरमान, मनफूल, अल्ताफ, नवाब और तजम्मुल शामिल थे, हाथों में लाठी-डंडे और अन्य हथियार लेकर उसके घर में घुस आए। इन हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से मासूम और उसके परिवार के सदस्यों पर हमला किया, जिससे सलीम गंभीर रूप से घायल हो गया। सलीम की अगले दिन अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हमलावरों से लाठी-डंडे, पाटल, लोहे के सरिया और फरसा जैसे हथियार भी बरामद किए। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया, जिसमें अभियुक्तों पर संबंधित धाराओं के तहत चार्ज लगाया गया। मामले की सुनवाई प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई, जहां 24 गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ अभियुक्तों द्वारा पेश किए गए हथियारों को भी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अदालत में अपने तर्क प्रस्तुत किए, जिनका न्यायाधीश ने गहनता से अवलोकन किया। अंततः अदालत ने सभी 11 अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि वर्तमान में सभी आरोपी जमानत पर हैं। इस फैसले ने एक बार फिर से न्यायालय की प्रक्रिया और साक्ष्य के महत्व को उजागर किया है। इस मामले ने स्थानीय समुदाय में भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां लोग न्याय की प्रक्रिया और उसके परिणामों पर विचार कर रहे हैं।
















