Solar Activity: सूर्य की गतिविधियों में बदलाव से वैज्ञानिक चिंतित

लगभग दो दशक पहले, सूर्य की गतिविधियों में लगातार कमी ने वैज्ञानिकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया था कि सूर्य एक लंबे शांत दौर में प्रवेश कर रहा है। 2008 में, सू
लगभग दो दशक पहले, सूर्य की गतिविधियों में लगातार कमी ने वैज्ञानिकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया था कि सूर्य एक लंबे शांत दौर में प्रवेश कर रहा है। 2008 में, सूर्य की गतिविधियां अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थीं, जहां सूर्य पर धब्बों की संख्या बेहद कम हो गई थी और सूर्य से निकलने वाली सौर हवा भी असाधारण रूप से कमजोर हो गई थी। लेकिन अब सूर्य ने अपने व्यवहार में एक महत्वपूर्ण बदलाव दिखाया है, जिससे वैज्ञानिकों की चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। हाल के 17 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, सूर्य की सौर हवा अब अधिक घनी, गर्म और ताकतवर हो गई है। इसके साथ ही, अंतरग्रहीय चुंबकीय क्षेत्र भी मजबूत हुआ है। सूर्य की इस बढ़ती सक्रियता का सीधा असर पृथ्वी के मौसम पर पड़ सकता है, जिससे उपग्रहों, जीपीएस नेविगेशन, रेडियो संचार और बिजली ग्रिड में जोखिम बढ़ सकता है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि सौर हवा की गति में 6% की वृद्धि हुई है, जबकि प्रोटॉन घनत्व में लगभग 26% और तापमान में 29% की वृद्धि दर्ज की गई है। मास फ्लक्स में 27%, डायनेमिक प्रेशर में 34% और एनर्जी फ्लक्स में 40% की वृद्धि हुई है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव थर्मल प्रेशर में करीब 45% की वृद्धि है। अंतरग्रहीय चुंबकीय क्षेत्र की ताकत में 31% और उसके रेडियल घटक में लगभग 33% की वृद्धि हुई है। इस प्रकार, 2008 की तुलना में, सौर हवा अब अधिक घनी और गर्म हो गई है।
इसके अलावा, खगोल वैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल से बाहर एक विशाल ग्रह का पता लगाया है, जिसका द्रव्यमान बृहस्पति से लगभग पांच गुना अधिक है, जबकि आकार में यह केवल 8% बड़ा है। इस ग्रह का नाम एनजीटीएस-38 बी है, जो अपने तारे की एक परिक्रमा लगभग 180 दिनों में पूरी करता है। इस तरह के ग्रहों की खोज मौजूदा तकनीक से करना कठिन होता है, इसलिए वैज्ञानिक इसे विशाल ग्रहों के निर्माण और विकास को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण खोज मानते हैं। इस शोध का प्रकाशन वैज्ञानिक जर्नल मंथली नोटिसेज रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी में किया गया है। इस ग्रह का पता लगाने के लिए ट्रांजिट विधि तकनीक का उपयोग किया गया, जिसमें तारे की रोशनी में आई कमी के बजाय, वैज्ञानिकों ने गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से तारे में उत्पन्न गति को मापकर इस ग्रह की पहचान की। यह खोज न केवल खगोल विज्ञान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि यह हमें सौरमंडल के बाहर के ग्रहों के बारे में अधिक जानकारी भी प्रदान करती है।

















