Super El Niño to Break 150-Year Record: भयानक गर्मी का सामना करने के लिए तैयार रहें

दुनिया में एक बार फिर सुपर अल-नीनो को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सुपर अल-नीनो पिछले 150 वर्षों में सबसे ताकतवर हो सकता है। अगर ऐसा हुआ,
दुनिया में एक बार फिर सुपर अल-नीनो को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सुपर अल-नीनो पिछले 150 वर्षों में सबसे ताकतवर हो सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो इससे वैश्विक औसत तापमान में अभूतपूर्व वृद्धि हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप कई देशों में भीषण गर्मी, सूखा और कहीं-कहीं भारी बारिश जैसी मौसम की घटनाएँ देखने को मिल सकती हैं। यह अनुमान जलवायु मॉडल्स के आंकड़ों पर आधारित है, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि इस बार स्थिति गंभीर हो सकती है। सुपर अल-नीनो की घटना तब होती है जब प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। इसका प्रभाव केवल समुद्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह विश्व के विभिन्न देशों के मौसम पर भी गहरा असर डालता है। इसलिए वैज्ञानिक इस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
कैलिफोर्निया की बर्कले अर्थ संस्था के अनुसार, 14 अलग-अलग जलवायु मॉडल्स के आधार पर किए गए सैकड़ों अनुमानों में से लगभग 90 प्रतिशत मॉडल्स यह बता रहे हैं कि इस बार ट्रॉपिकल प्रशांत महासागर का तापमान पिछले 150 वर्षों में सबसे अधिक हो सकता है। समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इससे पहले, 2015-16 में दर्ज किया गया सबसे मजबूत सुपर अल-नीनो 2.75 डिग्री सेल्सियस की बढ़त के साथ था। वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी पहले से ही ग्लोबल वार्मिंग के कारण गर्म हो रही है। यदि इस समय सुपर अल-नीनो भी बहुत मजबूत हो जाता है, तो दोनों का प्रभाव मिलकर वैश्विक तापमान को और बढ़ा सकता है। इससे कई देशों में हीटवेव, सूखा और अन्य मौसम की घटनाएँ बढ़ सकती हैं।



















