CWG 2026: बीएफआई को एशियाड में भी दमदार प्रदर्शन की उम्मीद, कॉमनवेल्थ गेम्स के नतीजे को बताया ऐतिहासिक

भारत ने हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। भारतीय मुक्केबाजों ने इस प्रतियोगिता में कुल 10 पदक जीते, जिनमें से सात स्व
भारत ने हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। भारतीय मुक्केबाजों ने इस प्रतियोगिता में कुल 10 पदक जीते, जिनमें से सात स्वर्ण और तीन रजत शामिल हैं। यह प्रदर्शन न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में किसी भी देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। बीएफआई के अध्यक्ष अजय सिंह ने इस उपलब्धि को असाधारण और ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता भारत के मुक्केबाजी क्षेत्र में एक नई ऊंचाई को दर्शाती है। विशेष रूप से, पांच महिला मुक्केबाजों का स्वर्ण पदक जीतना इस सफलता को और भी विशेष बनाता है। अजय सिंह ने गर्व से कहा कि भारत के कुल 13 स्वर्ण पदकों में से सात मुक्केबाजी से आए हैं, जो इस खेल के प्रति देश की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह प्रदर्शन भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है।
अजय सिंह ने आगे कहा कि यह सफलता एशियाई खेलों और 2028 ओलंपिक की तैयारी का संकेत भी है। उन्होंने बताया कि भारत की विश्व मुक्केबाजी रैंकिंग में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है, और अब भारत तीसरे स्थान पर है। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि 2016 में भारत को शीर्ष 40 में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा था। अजय सिंह ने एशियाई खेलों की चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा कि यह राष्ट्रमंडल खेलों की तुलना में कहीं अधिक कठिन होगी। उन्होंने बताया कि एशियाई खेलों में सफलता प्राप्त करना लगभग ओलंपिक जैसी चुनौती है। कजाखस्तान, उजबेकिस्तान और चीन जैसे देशों के मुक्केबाज भी इस प्रतियोगिता में बहुत मजबूत हैं।
















