Prabhat Jayasuriya to be Sri Lanka's trump card against India: 125 में से 81 विकेट केवल गॉल में झटके

भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में श्रीलंका के प्रभात जयसूर्या एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ 46 टेस्ट में से 22 मैच जीते हैं और 7
भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में श्रीलंका के प्रभात जयसूर्या एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ 46 टेस्ट में से 22 मैच जीते हैं और 7 में हार का सामना किया है। पिछले 11 वर्षों से भारत ने श्रीलंका के खिलाफ कोई टेस्ट नहीं हारा है, लेकिन शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम 15 अगस्त से शुरू होने वाली 2 मैचों की टेस्ट श्रृंखला में फेवरेट नहीं मानी जा रही है। इसका मुख्य कारण प्रभात जयसूर्या हैं, जिन्होंने रंगना हेराथ के संन्यास के बाद से श्रीलंकाई स्पिन गेंदबाजी की विरासत को आगे बढ़ाया है।
प्रभात जयसूर्या ने 2018 में हेराथ के अंतिम टेस्ट खेलने के बाद से श्रीलंका क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष किया। 8 साल बाद, वह अब गॉल में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं, जहां उन्होंने 11 टेस्ट में 81 विकेट लिए हैं। बाएं हाथ के स्पिनर जयसूर्या को 2021 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के लिए चुना गया था, लेकिन फिटनेस टेस्ट में असफल होने के कारण उन्हें बाहर कर दिया गया था।
कोरोना काल में उनकी किस्मत पलटी, जब जुलाई 2022 में एम्बुलडेनिया को खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर कर दिया गया। कप्तान दिमुथ करुणारत्ने के कहने पर, जयसूर्या को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के लिए अंतिम समय में शामिल किया गया। उन्होंने पहले टेस्ट में 177 रन देकर 12 विकेट लेकर एक शानदार डेब्यू किया। इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ भी उन्होंने 2 मैचों में 17 विकेट लिए, जिससे उनकी स्थिति मुख्य स्पिनर के रूप में मजबूत हुई।
जयसूर्या का अंतरराष्ट्रीय करियर केवल 4 साल पुराना है, लेकिन वह गेंदबाजों की टेस्ट रैंकिंग में 22वें स्थान पर हैं। उन्होंने 17 मैचों में 100 विकेट लेकर अपनी क्षमता साबित की है। हालांकि, एशिया से बाहर उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिलते हैं। जयसूर्या के सबसे अधिक विकेट पाकिस्तान (26), न्यूजीलैंड (22) और ऑस्ट्रेलिया (21) के खिलाफ आए हैं, लेकिन भारत के खिलाफ उनका प्रदर्शन और भी प्रभावशाली हो सकता है। भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन के खिलाफ कमजोरी स्पष्ट है, जो जयसूर्या के लिए एक अवसर बन सकती है। 2024 में न्यूजीलैंड और 2025 में दक्षिण अफ्रीका ने भारतीय टीम की कमजोरियों को उजागर किया है, जिससे यह स्पष्ट है कि जयसूर्या भारतीय टीम के लिए एक बड़ा खतरा बन सकते हैं।
















