Crisil: FY27 में 7-9% बढ़ेगा संगठित सेकंड हैंड कार बाजार! पहली बार कार खरीदने वाले बनेंगे सबसे बड़े ग्राहक

भारत में पुरानी कारों का बाजार अब केवल एक विकल्प भर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ता हुआ सेगमेंट बन चुका है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की हाल
भारत में पुरानी कारों का बाजार अब केवल एक विकल्प भर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ता हुआ सेगमेंट बन चुका है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश में पुरानी कारों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है। इस रिपोर्ट में पुरानी कारों के बाजार के बारे में कई महत्वपूर्ण दावे किए गए हैं, जो इस क्षेत्र के भविष्य को उजागर करते हैं। क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का पुरानी कारों का बाजार नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है, और यह वृद्धि 2027 तक 7-9% के बीच रहने की संभावना है। इस वृद्धि के पीछे कई कारण हैं, जिनमें पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों की बढ़ती संख्या शामिल है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ये नए ग्राहक अब पुरानी कारों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जो कि एक सकारात्मक संकेत है।
क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी के अनुसार, पुरानी कारों की बढ़ती मांग के पीछे कई दिलचस्प कारण हैं। इनमें से एक प्रमुख कारण है कि नई कारों की कीमतों में वृद्धि के चलते लोग पुरानी कारों को खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। इसके अलावा, पुरानी कारों की औसत उम्र में कमी आई है, जिससे खरीदारों को बेहतर और अधिक आधुनिक विकल्प मिल रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पुरानी कारों की औसत उम्र अब लगभग 4 साल रह गई है, जबकि एक दशक पहले यह 8 साल से अधिक थी। यह बदलाव बाजार में उपलब्ध कारों की गुणवत्ता को दर्शाता है और खरीदारों के लिए बेहतर विकल्प प्रस्तुत करता है।



















