Rising water level in Ganga: कानपुर में गंगा का तेजी से बढ़ रहा जलस्तर, बिठूर में ब्रह्मवर्त खूंटी डूबी

बिठूर (कानपुर) में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसका मुख्य कारण पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के साथ-साथ हरिद्वार और नरौरा
बिठूर (कानपुर) में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसका मुख्य कारण पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के साथ-साथ हरिद्वार और नरौरा से छोड़े जा रहे पानी का प्रवाह है। मंगलवार दोपहर 11 बजकर 15 मिनट पर बिठूर के ब्रह्मवर्त घाट पर स्थित ब्रह्म खूंटी पूरी तरह से डूब गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोपहर के समय अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ा और खूंटी डूब गई। मंदिर के पुजारी पंडित देव कुमार उपाध्याय और गंगा सभा के अध्यक्ष अनुज कुमार मिश्रा ने इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पहले भी अगस्त या सितंबर में ब्रह्म खूंटी डूबती थी, लेकिन इस बार जुलाई में ही यह घटना घटित हुई है।
इस घटना के बाद क्षेत्र के किसानों की समस्याएं बढ़ने की आशंका है। ब्रह्मवर्त खूंटी के डूबने से ग्वालटोली, नवाबगंज, बिठूर और कटरी इलाके के किसानों को नुकसान हो सकता है। कटरी में सब्जी के खेत और अमरूद के बगीचे बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कटरी क्षेत्र के निवासी गंगा बैराज मार्ग पर प्लास्टिक डालकर शरण लेते हैं। इसके अलावा, फसल डूबने से सब्जियों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं और अमरूद और जामुन के पेड़ खराब होने लगते हैं।
तहसीलदार ने राजस्व कर्मियों को निर्देशित किया है कि वे कटरी के ग्रामीण इलाकों में लोगों को सचेत करें। इस समय कटरी क्षेत्र में फसलें, जैसे तरोई, लौकी, कद्दू और खीरा, बाढ़ के कारण डूब चुकी हैं। स्थानीय किसान इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं और उन्हें अपने फसलों के नुकसान का डर सता रहा है। इस प्रकार, बिठूर में गंगा के जलस्तर में वृद्धि ने न केवल धार्मिक स्थल को प्रभावित किया है, बल्कि स्थानीय कृषि और लोगों के जीवन पर भी गंभीर प्रभाव डाला है।















