Coal India's Alert Amid Rising Electricity Demand: कोयला सप्लाई तेज करने के लिए रेलवे से मांगा सहयोग

आशीष अंबष्ठ, धनबाद। देश में मौसम के कारण बिजली की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले की खपत में तेजी आई है। इस बढ़ती मांग क
आशीष अंबष्ठ, धनबाद। देश में मौसम के कारण बिजली की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले की खपत में तेजी आई है। इस बढ़ती मांग को देखते हुए कोल इंडिया लिमिटेड ने अपनी सभी अनुषंगी कंपनियों और रेलवे के विभिन्न मंडलों के अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाते हुए कोयला प्रेषण (डिस्पैच) में तेजी लाने की रणनीति बनाई है। कंपनी ने रेलवे से अधिक से अधिक रैक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है ताकि बिजलीघरों तक समय पर कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इस स्थिति में, कोल इंडिया ने विशेष रूप से उन कोल साइडिंगों पर लोडिंग बढ़ाने का निर्देश दिया है, जहां से सीधे रेलवे रैक में कोयला लोड कर बिजलीघरों तक भेजा जा सकता है। इससे रैक का टर्नअराउंड समय कम होगा और डिस्पैच की गति बढ़ेगी। कंपनी का ध्यान उन राज्यों पर भी रहेगा जहां ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले का स्टाक अपेक्षाकृत कम है।
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 के अंत में देश के ताप विद्युत संयंत्रों में लगभग 42.8 मिलियन टन कोयला उपलब्ध था, जो औसतन 14 दिन के संचालन के लिए पर्याप्त माना गया है। मंत्रालय का कहना है कि फिलहाल बिजलीघरों को प्रतिदिन आवश्यकता के अनुरूप कोयला मिल रहा है और रेलवे, कोयला तथा बिजली मंत्रालय संयुक्त रूप से निगरानी कर रहे हैं। इस बीच, झारखंड के प्रमुख पावर प्लांटों की स्थिति को देखते हुए इन राज्यों के ताप विद्युत संयंत्रों में मांग अधिक होने के कारण कोयले की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। इस प्रकार, कोल इंडिया की यह पहल न केवल बिजली उत्पादन को सुचारू बनाए रखने में मदद करेगी, बल्कि आने वाले समय में बिजली संकट को भी टालने में सहायक सिद्ध होगी।



















