Employment through CSC: झारखंड में प्रज्ञा केंद्रों से दीदियों को मिलेगा रोजगार

झारखंड के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) से जुड़ी दीदियों द्वारा निर्
झारखंड के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) से जुड़ी दीदियों द्वारा निर्मित कापियों की बिक्री की जाएगी। इस पहल के तहत, शुक्रवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसमें ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। यह कदम महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों को जन्म देगा, जिससे वे अपने बनाए गए कापियों और रजिस्टरों को सीएससी के काउंटर से बेच सकेंगी। इस प्रक्रिया के तहत, पहले से प्रशिक्षित दीदियों को कंपनियों के माध्यम से अग्रिम राशि का भुगतान किया जाएगा, और फिर कापी की बिक्री से प्राप्त राशि से इस अग्रिम की कटौती की जाएगी। इससे दीदियों को न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि वे अपने आर्थिक स्थिति को भी सुधार सकेंगी।
इस योजना के तहत, दीदियों को कई अन्य व्यावसायिक कार्यों की जानकारी भी प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें और भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। झारखंड में लगभग 25 हजार प्रज्ञा केंद्र संचालित हैं, और सरकार इनकी संख्या को बढ़ाकर 35 हजार तक करने की योजना बना रही है। यह कदम न केवल महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। अगर इन केंद्रों से प्रतिदिन एक कापी भी बिकती है, तो महीने में लगभग साढ़े सात लाख कापियां बिक जाएंगी। इस प्रकार, यदि एक कापी पर चार से आठ रुपये का लाभ जोड़ा जाए, तो दीदियों की कमाई कई गुना बढ़ जाएगी।



















