Sugar Price Surge: त्योहारों की मिठास में घोली कड़वाहट, चीनी के दामों में 10 से 15 प्रतिशत का उछाल

रतिया में पिछले कुछ दिनों से चीनी की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है, जिससे आम जनता का रसोई बजट प्रभावित हुआ है। प्रमुख बाजारों में चीनी
रतिया में पिछले कुछ दिनों से चीनी की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है, जिससे आम जनता का रसोई बजट प्रभावित हुआ है। प्रमुख बाजारों में चीनी के दाम 48 रुपये से बढ़कर 52 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। यह वृद्धि त्योहारों के मौसम से पहले हुई है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है। रक्षाबंधन से लेकर दिवाली तक चीनी के दामों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। व्यापारी वर्ग और आमजन दोनों ही इस स्थिति से परेशान हैं। केंद्र सरकार ने 1 अगस्त से डीलरों पर सख्त भंडारण सीमा लागू की है, जिसका उद्देश्य बाजार में किल्लत और सट्टेबाजी को रोकना है। भंडारण सीमा 4,000 क्विंटल और 30 दिन के लिए निर्धारित की गई है। इससे उम्मीद की जा रही है कि बाजार में स्थिरता आएगी, लेकिन चीनी के दामों में वृद्धि का असर रसोई के बजट पर सीधा पड़ रहा है।
किराना दुकानदार नरेश ने बताया कि ग्राहकों को बढ़ती कीमतों के बारे में समझाना मुश्किल हो रहा है। पहले से ही लाभ का अंतर कम होने के कारण बिक्री प्रभावित हो रही है। लोग अब 5 किलो की जगह केवल 2 किलो चीनी खरीदने को मजबूर हो गए हैं। थोक व्यापारी महेश ने कहा कि मील से चीनी की आपूर्ति महंगी हो रही है, जिससे कीमतें तुरंत नीचे नहीं आ पा रही हैं। भंडारण सीमा से सट्टेबाजी पर लगाम लगेगी, लेकिन परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ने के कारण स्थिति में सुधार होने में समय लगेगा।


















