Record at Electric Locomotive Shed: कानपुर में इलेक्ट्रिक लोको शेड का नया कीर्तिमान, जुलाई में बनाए 16 इंजन

कानपुर के फजलगंज स्थित लोको शेड ने हाल ही में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस शेड ने जुलाई महीने में मेजर शेड्यूल के लिए 16 इंजन तैयार करने का रिकॉर्ड बनाय
कानपुर के फजलगंज स्थित लोको शेड ने हाल ही में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस शेड ने जुलाई महीने में मेजर शेड्यूल के लिए 16 इंजन तैयार करने का रिकॉर्ड बनाया है। यह आंकड़ा पिछले साल अगस्त में बनाए गए 14 इंजनों के रिकॉर्ड को तोड़ता है। पिछले वर्ष से लेकर अब तक औसतन 10 से 13 इंजन ही मेजर शेड्यूल के लिए तैयार होते थे, लेकिन इस बार शेड ने अपनी क्षमता को बढ़ाते हुए 16 इंजनों का निर्माण किया। यह उपलब्धि न केवल शेड के कर्मचारियों की मेहनत को दर्शाती है, बल्कि भारतीय रेलवे के विकास में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। पिछले साल कुल 134 इंजनों को मेजर शेड्यूल किया गया था, जबकि पैसेंजर इंजन को औसतन 27 महीने में मेजर शेड्यूल के लिए लाया जाता है। इस साल का लक्ष्य 103 इंजन का है, जिसे समय पर पूरा करने की उम्मीद है।
इंजनों की मेजर शेड्यूलिंग के दौरान पूरी ओवरहॉलिंग की जाती है। इस प्रक्रिया में इंजन की मोटर को खोला जाता है और उसकी सफाई की जाती है। इसके अलावा, इंजन की छत को हटाकर आवश्यक मरम्मत की जाती है, ट्रांसफार्मर का तेल बदला जाता है, और इंजन का रंग-रोगन किया जाता है। कई अन्य पार्ट्स भी बदले जाते हैं, जैसे इंजन की लाइट और सुरक्षा कवच। यदि नए फीचर्स उपलब्ध होते हैं, तो उन्हें भी इंजन में शामिल किया जाता है। इस प्रकार, शेड में इंजनों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता में भी सुधार हो रहा है।


















