Corruption Network in Bihar: पटना और मोतिहारी में फैला रिश्वतखोरी का जाल

बिहार के मोतिहारी में एक बड़े रिश्वतखोर तंत्र का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामले में संलिप्तता सामने आई है। इस तंत्र
बिहार के मोतिहारी में एक बड़े रिश्वतखोर तंत्र का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामले में संलिप्तता सामने आई है। इस तंत्र का मास्टर माइंड राजन जायसवाल है, जो पूर्वी चंपारण के मोतिहारी का निवासी है। हाल ही में राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 45 अधिकारियों के स्थानांतरण के आदेश के बाद, मोतिहारी एसडीएम से 25 लाख रुपये की मांग की गई थी। इस मामले में राजन का नाम सामने आया है, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। राजन, जो एक व्यावसायिक परिवार से आता है, पहले भी विवादों में रहा है और जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने सरकारी तंत्र में अपनी पैठ बना ली और रिश्वतखोरी के इस तंत्र को बढ़ावा दिया। सूत्रों के अनुसार, एक विधायक ने उसे विधानसभा पास लगी अपनी स्कार्पियो दी थी, जिससे वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संपर्क में रहता था। वर्तमान में वह जेल में है और उसकी गिरफ्तारी के बाद से पुलिस उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है।
पुलिस ने राजन से पांच दिनों की रिमांड पर पूछताछ की है और उसके मोबाइल से मिले डाटा की समीक्षा की जा रही है। इस दौरान राजन के तीन अन्य साथियों की पहचान की गई है, जो इस अवैध कार्य में उसकी मदद कर रहे थे। ये सभी साथी अलग-अलग जिलों से हैं और उनका नेटवर्क भी विभिन्न स्थानों पर फैला हुआ है। पुलिस ने छह से सात ऐसे सेलफोन नंबरों की पहचान की है, जो इस रिश्वतखोरी के खेल में शामिल रहे हैं। राजन और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस को उम्मीद है कि गिरोह के अन्य सदस्यों का चेहरा भी सामने आएगा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और साइबर थाना की पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।



















