Drug Mafia Arrested in Pratapgarh: 25 हजार का इनामी ड्रग माफिया गिरफ्तार, फर्जी लाइसेंस पर कर रहा था कारोबार

प्रतापगढ़ जिले में एक 25 हजार रुपये के इनामी ड्रग माफिया को गिरफ्तार किया गया है, जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कोडीन युक्त कफ सिरप का भंडारण और बिक्री कर रहा
प्रतापगढ़ जिले में एक 25 हजार रुपये के इनामी ड्रग माफिया को गिरफ्तार किया गया है, जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कोडीन युक्त कफ सिरप का भंडारण और बिक्री कर रहा था। यह गिरफ्तारी स्पेशल टीम, स्वाट टीम और सर्विलांस सेल की संयुक्त कार्रवाई में की गई। आरोपित को लालापुर बड़ी नहर के पास से बुधवार को पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का नाम आयुष प्रताप सिंह है, जो जौनपुर के सराय ख्वाजा के इटौरी का निवासी है। उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की तहरीर पर महेशगंज थाने में 16 दिसंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि उसने झींगुर स्थित मेसर्स महादेव फार्मा के नाम से जारी औषधि विक्रय अनुज्ञप्ति का दुरुपयोग कर विभिन्न जनपदों से बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त न्यू फेेंसेडिल कफ सिरप की खरीद की थी। विभागीय सत्यापन में यह भी सामने आया कि संबंधित पते पर न तो कोई मेडिकल स्टोर संचालित था और न ही खरीदी गई दवाओं का कोई रिकॉर्ड मौजूद था। इस प्रकार, प्रथम दृष्टया फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस प्राप्त कर प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार की पुष्टि हुई, जिसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया। इसके साथ ही, विवेचना के दौरान एनडीपीएस एक्ट और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धाराएं भी बढ़ा दी गईं।
गिरफ्तारी के बाद आयुष प्रताप सिंह को न्यायालय में पेश किया गया। थाना प्रभारी संदीप तिवारी के नेतृत्व में गठित टीम ने उसे लालापुर बड़ी नहर के पास से दबोचा। पूछताछ के दौरान आरोपित ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसने न्यायालय में आत्मसमर्पण के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया था। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मनगढ़ स्थित भक्ति मंदिर जाने के लिए वह प्रतापगढ़ में अपने मित्र का इंतजार कर रहा था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। यह गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि पुलिस विभाग अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है और ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।



















