Court summons in UP: संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण मामले में हाईकोर्ट ने जवाब तलब किया

उत्तर प्रदेश में संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर लखनऊ पीठ के हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कोर्ट ने प्रदेश में 15 साल से अधिक समय से संविदा पर कार्
उत्तर प्रदेश में संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर लखनऊ पीठ के हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कोर्ट ने प्रदेश में 15 साल से अधिक समय से संविदा पर कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों के नियमितीकरण के मामले में जवाब मांगा है। यह मामला तब सामने आया जब शिक्षकों ने अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर कई बार आवाज उठाई थी। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) से स्पष्ट रूप से पूछा है कि क्या इन शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही, कोर्ट ने उन्हें 8 सितंबर तक निजी हलफनामे के माध्यम से इसका जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश शिक्षकों के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर आया है, जो लंबे समय से अपनी स्थायी नौकरी की तलाश में हैं।
इस मामले में शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दी हैं और अब उन्हें नियमित करने की आवश्यकता है। शिक्षकों ने यह भी बताया कि उनके नियमितीकरण से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि इससे शिक्षा प्रणाली में भी स्थिरता आएगी। कई शिक्षकों ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन भी किए हैं और सरकार से मांग की है कि उन्हें नियमित किया जाए। इस संदर्भ में, कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि क्या इस दिशा में कोई नीति बनाई गई है और यदि हां, तो उसका क्या विवरण है।


















