CID's Major Action Amid Student Protests: झारखंड में JPSC एग्जाम घोटाले के 5 आरोपी अरेस्ट

झारखंड लोक सेवा आयोग (jpsc) की प्रतियोगिता परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रही cid ने हाल ही में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रांची और
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगिता परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रही CID ने हाल ही में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रांची और लखनऊ पुलिस के सहयोग से की गई है। CID के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उमाकांत उरांव, रोशन कच्छप, मनोज कुमार, रक्षक सिंह और धर्मेंद्र कुमार शामिल हैं। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का उपयोग किया। उमाकांत उरांव, जो जिला रांची के निवासी हैं, पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए धोखाधड़ी की और साथ ही उम्मीदवारों को उपलब्ध कराने के लिए एजेंट का काम भी किया। यह मामला तब सामने आया जब छात्रों ने परीक्षा में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में पारदर्शिता का अभाव है और कुछ लोग अनुचित साधनों का सहारा लेकर सफल हो रहे हैं।
दूसरे आरोपी, रोशन केरकेट्टा, भी जिला रांची के निवासी हैं और उन पर भी इसी प्रकार के आरोप लगे हैं। मनोज कुमार, जो फिर से रांची के निवासी हैं, ने भी 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी की है। यह सभी आरोपी एक संगठित तरीके से परीक्षा में धांधली करने में शामिल थे। CID ने इन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में और भी गहराई से जांच कर रहे हैं। रक्षक सिंह, जो लखनऊ के निवासी हैं, एक परीक्षा संचालित करने वाली कंपनी TDPL में एकाउंटेंट हैं और उन पर भी परीक्षा में धोखाधड़ी करने का आरोप है। धर्मेंद्र कुमार, जो फिर से रांची के निवासी हैं, पर भी इसी प्रकार के आरोप हैं।



















