Midday Meal Irregularities in Kanpur: दूध की नदियां कागजों में, बच्चों की थाली खाली

कानपुर के चौबेपुर ब्लाक के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के तहत दूध वितरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में यह पाया गया कि एक विद्यालय में बच्चों को द
कानपुर के चौबेपुर ब्लाक के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के तहत दूध वितरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में यह पाया गया कि एक विद्यालय में बच्चों को दूध देने के बजाय केवल रजिस्टर में इसकी मात्रा दर्ज की जा रही थी। इस लापरवाही के चलते संबंधित प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब अभिभावकों ने शिकायत की कि उनके बच्चों को दूध नहीं मिल रहा है, जबकि विद्यालय प्रशासन ने रजिस्टर में दूध की मात्रा का उल्लेख किया था। इस प्रकार की अनियमितताओं के चलते चार अन्य विद्यालयों में भी दूध की कम मात्रा दिए जाने पर दो प्रधानाध्यापकों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। एक प्रधानाध्यापक की वेतनवृद्धि रोक दी गई है, जबकि एक अन्य को कठोर चेतावनी दी गई है।
मध्याह्न भोजन योजना के तहत प्राथमिक कक्षाओं में प्रत्येक बच्चे को 150 मिलीलीटर और उच्च प्राथमिक कक्षाओं में 200 मिलीलीटर दूध दिए जाने का प्रावधान है। बीएसए हरिओम सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रधानाध्यापकों की लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे ताकि मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और वितरण की प्रक्रिया को सुनिश्चित किया जा सके। इस मामले में एक प्रधानाध्यापक ने आरोप लगाया है कि मध्याह्न भोजन के लिए प्रति छात्र मिलने वाली राशि बहुत कम है, जिससे दूध और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता प्रभावित होती है।



















