Demand for STET Exam Before TRE-4: पटना में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

बिहार में शिक्षक बहाली प्रक्रिया tre-4 की वैकेंसी जारी होने से पहले स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (stet) कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने मोर्चा खोल दिया है।
बिहार में शिक्षक बहाली प्रक्रिया TRE-4 की वैकेंसी जारी होने से पहले स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (STET) कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने मोर्चा खोल दिया है। पटना स्थित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति कार्यालय के बाहर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य में पिछले दो सालों से STET परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है। इसके चलते B.Ed पास कर चुके लगभग 5 लाख से अधिक अभ्यर्थी शिक्षक बहाली परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे। B.Ed पास करने वाले अभ्यर्थी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से STET परीक्षा के आयोजन की मांग कर रहे हैं। बता दें, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी BSEB के द्वारा स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (STET) परीक्षा का आयोजन किया जाता है। आखिरी बार BSEB ने 2024 में STET परीक्षा का विज्ञापन निकाला था। 2025 में STET परीक्षा आयोजित की गई थी। उसके बाद अब तक STET परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है। अब शिक्षक बहाली यानी TRE4 का आयोजन होने जा रहा है, इसके पहले STET के अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। हाल के दिनों में परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों के प्रदर्शन देखने को मिले हैं। झारखंड में भी झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। लगातार प्रदर्शन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल गठित किया है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे सीधे मुख्यमंत्री से ही बातचीत करेंगे। इस प्रकार, बिहार के अभ्यर्थियों का यह आंदोलन न केवल STET परीक्षा के आयोजन की मांग कर रहा है, बल्कि यह पूरे राज्य में शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को भी उजागर कर रहा है। अभ्यर्थियों का मानना है कि यदि समय पर STET परीक्षा का आयोजन नहीं किया गया, तो उनकी भविष्य की संभावनाएं प्रभावित होंगी। ऐसे में, यह आंदोलन बिहार की शिक्षा नीति पर भी सवाल उठाता है और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग करता है।


















