Enrollment Decline in Jharkhand Schools: झारखंड के स्कूलों में नामांकन में गिरावट, लाखों छात्र ड्रापआउट

झारखंड के 44,312 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में वर्ष 2026-27 के दौरान छात्रों के नामांकन और अगली कक्षा में प्रगति में भारी गिरावट देखने को मिली है। यह स्थ
झारखंड के 44,312 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में वर्ष 2026-27 के दौरान छात्रों के नामांकन और अगली कक्षा में प्रगति में भारी गिरावट देखने को मिली है। यह स्थिति राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। यूडायस प्लस 2026-27 की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में नामांकित 74,57,468 छात्रों की तुलना में इस वर्ष नामांकन घटकर 66,56,756 रह गया है। इससे स्पष्ट होता है कि राज्य भर में कुल 8,85,064 छात्र ड्रापआउट श्रेणी में आ चुके हैं, जो कि 11.87 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। धनबाद जिले में भी 57,469 छात्र ड्रापआउट हो चुके हैं। कई अन्य जिलों में भी इस गिरावट की स्थिति चिंताजनक है। हजारीबाग में नामांकन में सबसे अधिक 14.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, इसके बाद रामगढ़ में 13.29 प्रतिशत, धनबाद में 13.03 प्रतिशत और रांची में 12.90 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि झारखंड में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है।
शत-प्रतिशत प्रोग्रेशन वाले जिलों में जामताड़ा, खूंटी, कोडरमा, सिमडेगा, लोहरदगा, पाकुड़, पलामू, गढ़वा, गुमला, गिरिडीह, बोकारो और सरायकेला-खरसवां शामिल हैं। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की वन नेशन वन स्टूडेंट आइडी योजना के तहत छात्रों की अपार आइडी बनाने की प्रक्रिया में राज्य का प्रदर्शन औसत रहा है। राज्य के कुल 66.56 लाख नामांकित छात्रों में से 74.30 प्रतिशत (49.46 लाख) का आधार सत्यापित हो चुका है, जबकि 60.31 प्रतिशत (40.14 लाख) छात्रों की अपार आइडी बनाई जा सकी है। धनबाद जिले में आधार सत्यापन 72.22 प्रतिशत, अपार आइडी जनरेशन 55.24 प्रतिशत और लंबित अपार आइडी की संख्या 71,545 है। इस प्रकार, यह स्थिति दर्शाती है कि तकनीकी और प्रशासनिक सुस्ती के कारण कई छात्रों की आइडी अभी तक जनरेट नहीं की जा सकी है।



















