Announcement by Ramanand Sagar's Grandsons: 7 Parts में बनेगी 'श्रीमद्भागवतम्'

भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उनके पोते आकाश सागर और अमृत सागर ने एक बड
भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उनके पोते आकाश सागर और अमृत सागर ने एक बड़ा सिनेमाई प्रोजेक्ट पेश किया है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने अपनी पहली बड़े पैमाने की थिएटर फ्रेंचाइजी फिल्म 'श्रीमद्भागवतम्' की आधिकारिक घोषणा की है। यह फिल्म सात अलग-अलग पार्ट्स में बनाई जाएगी, जो भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और भव्य प्रोजेक्ट्स में से एक मानी जा रही है। इसका उद्देश्य भारत के महान और प्राचीन ग्रंथों को आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय स्टोरीटेलिंग के माध्यम से दर्शकों के सामने पेश करना है। इस मेगा प्रोजेक्ट की परिकल्पना और निर्माण अमृत सागर चोपड़ा और आकाश सागर चोपड़ा कर रहे हैं, जो इसके पहले पार्ट का निर्देशन भी करेंगे।
इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट को पद्म भूषण से सम्मानित आध्यात्मिक गुरु श्री एम का मार्गदर्शन प्राप्त है, जबकि 'रामायण' (1987) के सह-निर्देशक मोती सागर इसके मेंटर हैं। आकाश सागर ने इस प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुए कहा कि 'श्रीमद्भागवतम्' भारत की सबसे महान आध्यात्मिक कृतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि इसकी दार्शनिक गहराई रामायण और महाभारत से भी कहीं अधिक है। उनका मुख्य उद्देश्य इन महान कथाओं को पूरी प्रामाणिकता और गहराई के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि दर्शक एक नई सिनेमाई भाषा में इसे देख सकें। फिल्म का हर हिस्सा अपनी अलग विजुअल स्टाइल के साथ प्रस्तुत किया जाएगा।



















