IAS Rinku Rahi Singh in the Spotlight: उरई नगर पालिका में अभिलेखों की जांच के लिए पहुंचे पांच कंप्यूटर आपरेटर

उरई। आईएएस रिंकू सिंह राही एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली के कारण चर्चा में हैं। बुधवार को उन्होंने नगर पालिका में टेंडर और निर्माण कार्यों की जांच के लिए पांच कं
उरई। आईएएस रिंकू सिंह राही एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली के कारण चर्चा में हैं। बुधवार को उन्होंने नगर पालिका में टेंडर और निर्माण कार्यों की जांच के लिए पांच कंप्यूटर आपरेटर के साथ पहुंचकर अभिलेखों की जांच की। यह कदम सभासदों की शिकायत के बाद उठाया गया था, जिसके तहत जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। इस समिति में रिंकू सिंह को भी शामिल किया गया था। रिंकू सिंह ने वहां चार घंटे तक अभिलेखों की जांच की, लेकिन इस दौरान कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति भी बनी। अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने रिंकू सिंह को अभिलेख देने से मना कर दिया, यह कहते हुए कि वह जांच टीम के प्रमुख नहीं हैं। इस पर काफी देर तक विवाद चलता रहा।
सभासदों ने ईओ पर निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसके बाद जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए थे। रिंकू सिंह ने ईओ को अभिलेख देने के लिए 29 जुलाई तक का समय दिया था। जब समय पूरा होने पर अभिलेख नहीं मिले, तो वह नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। वहां ईओ रामअचल कुरील ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है, जिससे वह जांच कर सकें। इसके बाद लगभग बीस मिनट तक बातचीत के बाद कोई हल नहीं निकला और ईओ वहां से चले गए। इसके बाद रिंकू सिंह ने सर्किल के पटल पर जाकर रजिस्टर की जांच की और स्कैनिंग कराई।


















